
सूरत: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार सूरत के RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने चुनाव आयोग और टैक्स विभाग को पत्र लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी भगवानराव दीपके के वित्तीय स्रोतों की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि उन्होंने अपने बेटे अभिजीत दीपके की अमेरिका में उच्च शिक्षा का खर्च किस तरह उठाया। साथ ही CJP के संगठनात्मक और कानूनी दर्जे को लेकर भी जांच की मांग की गई है।
अमित तिवारी ने अपने पत्र में वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा CJP के प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता के लिए घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड का भी जिक्र किया है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा है कि यदि CJP राजनीतिक दल के रूप में काम कर रही है, तो क्या वह 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951' की धारा 29A के तहत पंजीकृत है? उनका कहना है कि यदि संगठन पंजीकृत नहीं है, तो राजनीतिक पार्टी के नाम पर फंड लेने या जुटाने की वैधता की जांच होनी चाहिए।
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#WATCH | Surat, Gujarat: RTI activist Amit Tiwari says, "I have filed a complaint at three different locations. I have complained against CJP at ECI. Regarding the Rs 1 Crore fund by Kapil Sibal, I have complained to CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) that 18% GST… pic.twitter.com/TYDy9Iy6cN
— ANI (@ANI) August 2, 2026
अमित तिवारी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) और टैक्स अधिकारियों को पत्र लिखकर इस पूरे नेक्सस की जांच करने को कहा है। इस मामले में कई ऐसे मोड़ हैं जो वित्तीय अनियमितताओं की तरफ इशारा कर रहे हैं:
इस पूरे विवाद का सबसे पेचीदा हिस्सा CJP का राजनीतिक और कानूनी स्टेटस है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने सीधे तौर पर पार्टी की वैधता को कटघरे में खड़ा किया है।
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