सिर्फ 28 दिन का फर्क और चली गई जान? Ajit Pawar Plane Crash में चौंकाने वाला खुलासा

Published : Jan 29, 2026, 10:19 AM IST

Ajit Pawar Plane Crash Mystery: क्या सिर्फ 28 दिन की तकनीकी चूक ने अजित पवार की जान ले ली? अजित पवार के विमान में GAGAN सैटेलाइट सेफ्टी सिस्टम क्यों नहीं था? क्या 28 दिन की चूक बनी हादसे की वजह? बारामती प्लेन क्रैश की अंदरूनी टाइमलाइन और तकनीकी सच।

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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार विमान हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एविएशन सेफ्टी, GAGAN सैटेलाइट सिस्टम और पुरानी तकनीक को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस Learjet से अजित पवार बारामती पहुंचे थे, उसमें शायद भारत का आधुनिक सैटेलाइट-आधारित लैंडिंग सिस्टम GAGAN नहीं लगा था। वजह-एक ऐसा नियम, जिसकी डेडलाइन से विमान सिर्फ 28 दिन पहले रजिस्टर हुआ था।

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क्या 28 दिन पहले रजिस्ट्रेशन ने तकनीक से वंचित कर दिया विमान?

यह 16 साल पुराना Learjet 2 जून 2021 को भारत में रजिस्टर हुआ था। ठीक 28 दिन बाद नया नियम लागू हुआ, जिसमें हर नए विमान में GAGAN जैसे सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम को अनिवार्य किया गया। चूंकि यह विमान नियम से पहले रजिस्टर हो चुका था, इसलिए कानूनी रूप से इसमें नया सिस्टम लगाना ज़रूरी नहीं था। नियम सही थे, लेकिन तकनीक पीछे रह गई।

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GAGAN सिस्टम क्या है और क्यों है अहम?

GAGAN एक सैटेलाइट-आधारित अप्रोच गाइडेंस सिस्टम है, जो खासतौर पर उन एयरपोर्ट्स पर बेहद मददगार होता है, जहां ILS (Instrument Landing System) नहीं होता। खराब विजिबिलिटी, कोहरा या धुंध में यह सिस्टम पायलट को सटीक दिशा देता है।

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बारामती एयरपोर्ट क्यों बना चुनौती?

बारामती एयरपोर्ट एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है। यहां न फुल-टाइम ATC होता है और न ही ILS सिस्टम। ऐसे में पायलट को पारंपरिक “स्टेप-डाउन” लैंडिंग करनी पड़ती है, जिसमें हर स्तर पर रनवे दिखना ज़रूरी होता है।

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आख़िरी पलों में क्या हुआ?

सुबह 8:18 बजे विमान ने बारामती से संपर्क किया। पहली कोशिश में रनवे दिखाई नहीं दिया और गो-अराउंड किया गया। दूसरी कोशिश में कुछ सेकंड के लिए “रनवे दिख रहा है” कहा गया, लेकिन 8:43 बजे के बाद संपर्क टूट गया। कुछ देर बाद मलबा रनवे के बाईं ओर मिला। एविएशन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर विमान में GAGAN सिस्टम होता, तो कम विजिबिलिटी में पायलट को बेहतर गाइडेंस मिल सकती थी। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

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