मौत के 100 दिन बाद भी क्यों नहीं हुआ अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, ईरान में उठ रहे कई सवाल

Published : Jun 07, 2026, 07:03 PM IST
khamenei funeral postpone reason

सार

क्या अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देरी की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा चिंताएं हैं? अली खामेनेई का पार्थिव शरीर इस समय कहां रखा गया है? क्या हमले में उनके शव को नुकसान पहुंचा था, जिससे अंतिम संस्कार में देरी हो रही है? खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख बार-बार टलने की वजह क्या है?

Iran Supreme Leader News: लंबे समय तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को 100 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद से ही उनके अंतिम संस्कार को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इस बीच, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया नेतृत्व सौंपे जाने की बात कही गई है, लेकिन अंतिम संस्कार और सत्ता हस्तांतरण को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं।

अंतिम संस्कार में देरी क्यों बनी चर्चा का विषय?

अली खामेनेई के साथ उसी संघर्ष में मारे गए कई सैन्य अधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को पहले ही दफनाया जा चुका है। इसके बावजूद देश के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में लगातार देरी हो रही है। ईरानी अधिकारियों ने पहले बताया था कि खामेनेई के लिए एक भव्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जो कई शहरों से होकर उत्तर-पूर्वी शहर मशहद तक पहुंचेगी, जहां उन्हें दफनाया जाना प्रस्तावित है। हालांकि अब तक इस कार्यक्रम की कोई अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है।

शिया परंपरा में जल्दी दफनाने की प्रथा

इस देरी को इसलिए भी असामान्य माना जा रहा है क्योंकि शिया इस्लामी परंपरा में आम तौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद जल्द से जल्द दफनाने की परंपरा है। ऐसे में 100 दिन से अधिक समय तक अंतिम संस्कार न होना लोगों के बीच जिज्ञासा और अटकलों का कारण बना हुआ है।

सुरक्षा चिंताओं को बताया जा रहा बड़ी वजह

'ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार में देरी की एक बड़ी वजह सुरक्षा चिंताएं हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि खामेनेई के उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई अपने पिता की मौत के बाद सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हमले के दौरान उन्हें मामूली चोटें आई थीं और वे सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी स्थिति को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं।

मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी पर नजर

सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार केवल धार्मिक आयोजन नहीं होता, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम भी माना जाता है। ऐसे समारोह में मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर सकती है। माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियां इसी पहलू को ध्यान में रखकर अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं।

पार्थिव शरीर की स्थिति पर भी उठ रहे सवाल

ईरानी अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अली खामेनेई का पार्थिव शरीर कहां रखा गया है। इसके अलावा यह भी नहीं बताया गया कि हमले के दौरान हुए नुकसान ने अंतिम संस्कार की तैयारियों को कितना प्रभावित किया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उसी हमले में मारे गए कुछ अधिकारियों के शव कई सप्ताह बाद मिले थे और उनकी पहचान के लिए डीएनए परीक्षण तक करना पड़ा था।

राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है अंतिम संस्कार

ईरान में वरिष्ठ नेताओं के अंतिम संस्कार केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि उन्हें राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जाता है। इससे पहले ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार को भी कई दिनों तक चलने वाले बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में बदला गया था। उनका अंतिम यात्रा जुलूस इराक और ईरान के कई शहरों से होकर गुजरा था। सरकारी मीडिया ने उस समय इसे राष्ट्रीय एकता और सरकार के समर्थन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया था।

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी भारी भीड़ की उम्मीद

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी अधिकारी अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि हालिया संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियों के कारण इतने बड़े आयोजन को आयोजित करना प्रशासन के लिए आसान नहीं माना जा रहा है।

सत्ता हस्तांतरण पर बनी हुई है अनिश्चितता

वर्तमान स्थिति में ईरान एक असामान्य दौर से गुजर रहा है। देश ने नए नेतृत्व की घोषणा तो कर दी है, लेकिन नए सुप्रीम लीडर को अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाया गया है। वहीं दूसरी ओर, पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के लिए ऐतिहासिक विदाई समारोह का वादा किया गया था, लेकिन उसका आयोजन भी अभी तक नहीं हो पाया है। इसी वजह से अंतिम संस्कार, नए नेतृत्व और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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