Anant Ambani: अब यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी पढ़ाएंगे अनंत अंबानी? जानें ‘Professor of Practice’ का मतलब

Published : Oct 02, 2026, 01:49 PM IST
Anant Ambani sustainability

सार

Anant Ambani Newcastle University: यूके की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी ने हाल ही में अनंत अंबानी को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस इन सस्टेनेबिलिटी' नियुक्त किया है। उन्हें यह सम्मान रिलायंस इंडस्ट्रीज में क्लीन एनर्जी और 'वनतारा' के जरिए वन्यजीव संरक्षण में उनके शानदार काम के लिए मिला है। अब वो अपना यही प्रैक्टिकल अनुभव यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ शेयर करेंगे।

Anant Ambani Sustainability: अनंत अंबानी अब न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस इन सस्टेनेबिलिटी' बन गए हैं। हालांकि, इस पद का मतलब वो नहीं है जो शायद आप सोच रहे हों। यह कोई आम प्रोफेसर की नौकरी नहीं है। दरअसल, यह पद इसलिए बनाया गया है ताकि इंडस्ट्री के प्रैक्टिकल अनुभव को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई और रिसर्च से जोड़ा जा सके। यूनिवर्सिटी का कहना है कि अनंत अंबानी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, जानवरों की भलाई और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उनके बेहतरीन काम के लिए दिया गया है।

'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' आखिर होता क्या है?

'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' का मुख्य मकसद उन लोगों को यूनिवर्सिटी से जोड़ना है, जिनके पास किताबी रिसर्च से अलग, असल दुनिया का भारी-भरकम अनुभव हो। अनंत अंबानी के मामले में, न्यूकैसल यूनिवर्सिटी ने उन्हें गुजरात के जामनगर में उनके वाइल्डलाइफ रेस्क्यू प्रोजेक्ट 'वनतारा' और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर उनके काम को देखते हुए यह पद दिया है।

यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि इस पद का मतलब कोई एकेडमिक डिग्री देना नहीं है। ना ही अनंत अंबानी यूनिवर्सिटी का कोई सिलेबस तय करेंगे। इसके बजाय, उन्हें इसलिए चुना गया है ताकि वो पर्यावरण संरक्षण और एनर्जी ट्रांजिशन का अपना प्रैक्टिकल अनुभव यूनिवर्सिटी के माहौल में ला सकें।

अनंत अंबानी ने भी इस रोल पर बात करते हुए कहा कि वो छात्रों को सस्टेनेबिलिटी के बारे में एक नए नजरिए से सोचने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। सेरेमनी से पहले उन्होंने कहा, "यहां से ग्रेजुएट होने वाले हर छात्र में दुनिया को बदलने की ताकत है। मैं न्यूकैसल यूनिवर्सिटी की इन सीढ़ियों पर खड़े होकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं, जहां कभी महान मार्टिन लूथर किंग खड़े हुए थे।"

न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में क्या नया लाएंगे अनंत अंबानी?

अनंत अंबानी का प्रोफेशनल काम यूनिवर्सिटी को कई ऐसे मौके देता है, जहां उनका अनुभव सस्टेनेबिलिटी की पढ़ाई के काम आ सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में वो सोलर मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, क्लीन फ्यूल और नई पीढ़ी की एनर्जी टेक्नोलॉजी जैसे कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं। न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के मुताबिक, उनका यह काम रिलायंस के उस लक्ष्य का हिस्सा है, जिसमें कंपनी ने 2035 तक 'नेट कार्बन जीरो' बनने की बात कही है।

उनका कंजर्वेशन (संरक्षण) का काम भी इस नियुक्ति की एक बड़ी वजह है। न्यूकैसल ने 'वनतारा' को 3,500 एकड़ में फैला एक वाइल्डलाइफ रेस्क्यू और कंजर्वेशन इनिशिएटिव बताया है। यह प्रोजेक्ट घायल और विलुप्त हो रहे जानवरों को बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने पर फोकस करता है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह काम उनके खुद के कंजर्वेशन और बायोडायवर्सिटी रिसर्च से काफी मेल खाता है।

औपचारिक समारोह में अनंत अंबानी ने कहा, "आज जब इंसानियत कई तरह की ग्लोबल चुनौतियों का सामना कर रही है, तो मुझे लगता है कि कंजर्वेशन और सस्टेनेबिलिटी को हमारा अगला बड़ा आंदोलन बनना चाहिए - एक ऐसा आंदोलन जो देशों, पीढ़ियों और हर तरह के भेदभाव से ऊपर हो।"

इस नियुक्ति पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?

अनंत अंबानी के फैमिली बिजनेस बैकग्राउंड की वजह से इस नियुक्ति पर काफी चर्चा हो रही है। कुछ शिक्षाविदों और पर्यावरणविदों ने कॉर्पोरेट पावर, सस्टेनेबिलिटी और एकेडमिया के बीच के रिश्ते पर सवाल भी उठाए हैं। आलोचकों ने यूनिवर्सिटी के इस फैसले पर खुलेआम सवाल खड़े किए हैं। वहीं, न्यूकैसल ने अनंत अंबानी के कंजर्वेशन और क्लीन एनर्जी के काम का हवाला देते हुए अपने फैसले का बचाव किया है।

न्यूकैसल के वाइस-चांसलर प्रोफेसर क्रिस डे ने कहा, "प्रोफेसर अंबानी बिल्कुल इसी तरह की लीडरशिप दिखा रहे हैं। वो ऐसे बड़े समाधानों को आगे बढ़ा रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और मजबूत इकोसिस्टम बनाने में मदद करेंगे।"

30 सितंबर को किंग्स हॉल में हुआ यूनिवर्सिटी का यह औपचारिक समारोह साफ करता है कि यह पद असल में क्या है। यह कोई आम एकेडमिक डिग्री नहीं है, बल्कि एक ऐसा रोल है जो बिजनेस, कंजर्वेशन और एनर्जी ट्रांजिशन में अनंत अंबानी के अनुभव को न्यूकैसल की सस्टेनेबिलिटी एजुकेशन और रिसर्च से जोड़ेगा।

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