
Britain Prime Minister Contenders List: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उनके लगभग दो साल के उतार-चढ़ाव भरे कार्यकाल का अंत हो गया और ब्रिटेन की राजनीति में नए नेतृत्व की तलाश शुरू हो गई। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट की कमान आखिर अगला कौन संभालेगा। लेबर पार्टी के भीतर कई बड़े नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर चर्चा में हैं। आइए जानते हैं ब्रिटेन के पीएम पद के दावेदारों में कौन-कौन से नाम सामने आ रहे हैं।
गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम संभावित दावेदारों में तेजी से उभर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की थी। इसके अलावा लेबर पार्टी के ब्लू लेबर समूह के कई प्रभावशाली नेताओं का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है। कुछ सीनियर लीडर्स ने यूरोपीय संघ से जुड़े मुद्दों पर एंडी बर्नहम के रुख को लेकर चिंता जताई है, जिससे शबाना महमूद को अतिरिक्त राजनीतिक लाभ मिल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के विभिन्न गुटों का समर्थन उन्हें मिलता है, तो वह नेतृत्व की दौड़ में मजबूत स्थिति बना सकती हैं।
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर और हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे एंडी बर्नहम को सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क क्षमता उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग बनाती है। उपचुनाव में उन्हें लगभग 55 प्रतिशत वोट मिले थे, जिसने उनकी राजनीतिक ताकत को और मजबूत किया। जीत के बाद उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी के सामने बदलाव का एक महत्वपूर्ण अवसर है और पार्टी को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि बर्नहम रिफॉर्म यूके जैसी चुनौतीपूर्ण राजनीतिक ताकतों का मुकाबला करने में सक्षम हो सकते हैं।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में प्रमुखता से लिया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में स्टारमर की कैबिनेट से इस्तीफा दिया था और कहा था कि यह स्पष्ट हो चुका है कि स्टारमर अगला आम चुनाव नहीं लड़ेंगे। स्ट्रीटिंग को लेबर पार्टी के सबसे प्रभावशाली वक्ताओं में से एक माना जाता है। उनकी छवि ऐसे नेता की है जो आम मतदाताओं से सीधे जुड़ने की क्षमता रखते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन भी हासिल हो सकता है। हालांकि पार्टी के कुछ वर्गों को उनकी विचारधारा को लेकर आपत्तियां भी हैं, जो उनकी राह मुश्किल बना सकती हैं।
ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड ने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि उनकी नेतृत्व की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम लगातार संभावित उत्तराधिकारियों की सूची में बना हुआ है। मिलिबैंड 2010 से 2015 तक लेबर पार्टी का नेतृत्व कर चुके हैं और उन्हें पार्टी के अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। हाल के महीनों में सरकार के भीतर कुछ मुद्दों पर स्वतंत्र राय रखने के कारण उनकी राजनीतिक सक्रियता चर्चा में रही है। इसी वजह से कई लोग उन्हें संभावित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
एंजेला रेनर का नाम लंबे समय से लेबर पार्टी के संभावित नेताओं में शामिल रहा है। पूर्व उप-प्रधानमंत्री रह चुकीं रेनर पार्टी के सॉफ्ट-लेफ्ट धड़े में काफी लोकप्रिय मानी जाती हैं। उन्होंने कई बार सरकार से आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए तेज कदम उठाने की मांग की है। पिछले चुनावों के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व को यह संदेश दिया था कि कामकाजी लोगों की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार लाने की जरूरत है। उनकी स्पष्ट राय और मजबूत राजनीतिक पहचान उन्हें नेतृत्व की दौड़ में महत्वपूर्ण उम्मीदवार बनाती है।
पूर्व मरीन और सीनियर लीडर अल कार्न्स का नाम भी चर्चा में है। हालांकि उन्हें अभी शीर्ष दावेदारों में नहीं गिना जा रहा, लेकिन राजनीतिक हलकों में उन्हें एक "डार्क हॉर्स" यानी अप्रत्याशित लेकिन संभावित रूप से मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। अगर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर समीकरण बदलते हैं, तो उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।