'पेपर चुराने वाले बचते रहे'... Anti Paper Leak Bill 2026 पर ये क्या बोल गए खड़गे!

Published : Jul 30, 2026, 03:25 PM IST
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सार

Anti Paper Leak Bill 2026 पर राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिल में पेपर लीक रोकने की ठोस योजना नहीं है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी है।

देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर लंबे समय से जारी विवाद के बीच राज्यसभा में Anti Paper Leak Bill 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल नया कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है। खरगे का दावा था कि सरकार छात्रों के बढ़ते दबाव के बाद यह बिल लेकर आई है, लेकिन इसमें पेपर लीक रोकने की ठोस रणनीति नहीं दिखाई देती।

'बिल में सिर्फ आंकड़े हैं, समाधान नहीं'

राज्यसभा में चर्चा के दौरान खरगे ने कहा कि सरकार ने 2024 में जल्दबाजी में कानून बनाया, लेकिन उस समय विपक्ष और छात्रों की बात नहीं सुनी गई। उनके मुताबिक, Anti Paper Leak Bill 2026 में नए प्रावधानों के बावजूद पेपर लीक रोकने का स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

उन्होंने कहा, "पेपर चुराने वाले बचते रहे और मेहनत करने वाले पिटते रहे। बिल में सिर्फ आंकड़े हैं, लेकिन पेपर लीक रोकने का कोई ठोस प्लान नहीं है।"

खरगे ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी 2024 से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उनका आरोप था कि सरकार ने केवल प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शांत करने के लिए यह बिल पेश किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के संघर्ष और लगातार बने दबाव के कारण सरकार को आखिरकार कदम उठाना पड़ा।

 

 

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छात्रों के प्रदर्शन और सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल

खरगे ने आरोप लगाया कि छात्र महीनों तक सड़कों पर प्रदर्शन करते रहे, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक छात्र घायल हुए और छात्रों पर लाठीचार्ज व पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगे।

उन्होंने सवाल उठाया कि पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया और इस पूरे मामले पर न प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब दिया। खरगे ने यह भी कहा कि सरकार ने छात्रों की आवाज सुनने में देरी की और जब दबाव बढ़ा, तब जाकर शिक्षा मंत्रालय में बदलाव और नया बिल सामने आया।

'2015 से 2026 तक कई बार लीक हुए नीट के पेपर'

पेपर लीक के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि 2015 से 2026 के बीच NEET समेत कई बड़ी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए, लेकिन अब तक किसी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली। उनका कहना था कि केवल कानून बदलने से समस्या खत्म नहीं होगी, जब तक परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया जाता।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा व्यवस्था में मूलभूत सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में भी पेपर लीक जैसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। विपक्ष का दावा है कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए केवल सख्त कानून नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही और तकनीकी सुधार आवश्यक हैं।

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