
खेलते-खेलते 9 महीने के एक बच्चे ने गलती से एक LED बल्ब निगल लिया, जो उसकी सांस की नली में जाकर अटक गया। इससे बच्चे के फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था और एक बड़ी सर्जरी की नौबत आ सकती थी। लेकिन भारतीय सेना के डॉक्टरों ने वक्त पर सूझबूझ दिखाते हुए बिना किसी बड़े ऑपरेशन के बच्चे की जान बचा ली।
यह मामला पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज (AICTS) अस्पताल का है। बच्चे के बाएं फेफड़े की तरफ जाने वाली सांस की नली में जंग लगे तारों वाला एक LED बल्ब फंसा हुआ था। इसे बाहर निकालना डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। आखिरकार, सेना के डॉक्टरों ने एक बहुत ही जटिल 'ब्रोंकोस्कोपिक' प्रक्रिया के जरिए उस बल्ब को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। इस बारे में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान (Southern Command) ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर जानकारी साझा की है।
पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज (#AICTS) के विशेषज्ञों ने 9 महीने के एक बच्चे की जान बचाई। बच्चे के बाएं फेफड़े की सांस की नली में गहराई में फंसी जंग लगी तारों वाली एक खतरनाक LED बल्ब को एक बहुत ही जटिल ब्रोंकोस्कोपिक प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाला गया... pic.twitter.com/iraVg0kJmc
— दक्षिणी कमान भारतीय सेना (@IaSouthern) 28 मई, 2026
सेना ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज के विशेषज्ञों ने 9 महीने के एक बच्चे की जान बचाई है। बच्चे के बाएं फेफड़े की सांस की नली में गहराई से फंसा एक खतरनाक LED बल्ब, जिसमें जंग लगे तार भी थे, को एक बहुत ही जटिल 'ब्रोंकोस्कोपिक' प्रक्रिया के जरिए बाहर निकाला गया। इस स्थिति में फेफड़े के खराब होने या बड़ी सर्जरी की जरूरत पड़ने का खतरा था। लेकिन हमारे डॉक्टरों ने इसे बहुत सावधानी से संभाला। बिना किसी सर्जरी के बच्चे की सांस को सामान्य स्थिति में लाया गया है।'
सेना द्वारा शेयर की गई पोस्ट में बच्चे की सांस की नली से निकाले गए LED बल्ब की तस्वीर भी है। साथ ही, बल्ब फंसे होने के समय का एक्स-रे और उसे निकालने के बाद का एक्स-रे भी पोस्ट किया गया है। इस पोस्ट को देखने के बाद कई लोगों ने कमेंट बॉक्स में सेना के डॉक्टरों के काम की तारीफ की है।
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