1200 रुपए कमाई, 3 बच्चों की जिम्मेदारी, UBER ड्राइवर की कहानी सुन भावुक हुआ बेंगलुरू का शख्स

Published : Jun 25, 2026, 08:56 PM IST
uber driver story viral

सार

बेंगलुरु के एक उबर ड्राइवर की संघर्षभरी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है। परिवार की जिम्मेदारियों, महंगाई और मानसिक तनाव पर बहस छिड़ गई।

बेंगलुरु के एक शख्स ने उबर ड्राइवर के साथ हुई अपनी बातचीत का एक इमोशनल एक्सपीरियंस सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस घटना ने महंगाई, इकोनॉमिक प्लानिंग, मेंटल हेल्थ और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में बेंगलुरु निवासी सिद्धार्थ सिम्हाराजू ने बताया कि एक सामान्य कैब यात्रा ने उन्हें अपनी परेशानियों को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने लिखा, "आज मुझे अपनी सारी चिंताएं और तनाव बहुत छोटे लगे।"

Uber ड्राइवर ने सुनाई अपनी जिंदगी की कहानी

सिद्धार्थ ने बताया कि यात्रा के दौरान उनकी उबर ड्राइवर से बातचीत शुरू हुई। ड्राइवर की उम्र 32 साल है और उन्होंने 11 साल पहले अपनी पसंद की लड़की से शादी की थी। उनके तीन बच्चे हैं। ड्राइवर ने बताया कि वह अपने परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। इसके अलावा उनकी मां की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है। परिवार की सभी जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।

रोजाना 1200 रुपये की कमाई, फिर भी परिवार की खुशी सबसे बड़ी

बातचीत के दौरान ड्राइवर ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई तरह के काम किए हैं। फिलहाल वह उबर चलाकर रोजाना करीब 1200 रुपये कमाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वह अपने परिवार को खुश रखने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि महीने में एक बार पूरे परिवार को बिरयानी खिलाने ले जाना उनके लिए सबसे खुशी का पल होता है। सीमित आय के बावजूद वह इस छोटी-सी खुशी का इंतजार पूरे महीने करते हैं।

परिवार की जिम्मेदारियों के दबाव ने बढ़ाया मानसिक तनाव

सिद्धार्थ के अनुसार बातचीत के दौरान एक ऐसा पल भी आया, जब ड्राइवर ने अपनी मानसिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की। ड्राइवर ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक दबाव के कारण कई बार उनके मन में अपनी जिंदगी खत्म करने जैसे विचार आए। हालांकि, उन्होंने कहा कि अपने परिवार की वजह से उन्होंने कभी ऐसा कदम नहीं उठाया। सिद्धार्थ ने लिखा कि ड्राइवर ने यह बात बेहद सहज तरीके से कही, लेकिन यह साफ महसूस हो रहा था कि परिवार की देखभाल का दबाव उन्हें अंदर ही अंदर परेशान कर रहा है। इसके बावजूद वह पूरे समय मुस्कुराते हुए अपनी बात बताते रहे।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने ड्राइवर की परिस्थितियों के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि बढ़ती महंगाई और सीमित कमाई के बीच परिवार चलाना आसान नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने उनके आर्थिक फैसलों पर सवाल भी उठाए।

3 बच्चों को लेकर कुछ यूजर्स ने उठाए सवाल

एक यूजर ने लिखा, "आज के समय में तीन बच्चों का फैसला समझना मुश्किल है। चाहे कोई रोजाना 12,000 रुपये ही क्यों न कमाता हो, यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।" एक अन्य यूजर ने कहा, "अगर मुझे पता होता कि मेरी कमाई से मैं अपने परिवार को बेहतर जीवन नहीं दे पाऊंगा, तो मैं शादी नहीं करता और न ही तीन बच्चे पैदा करता। उनकी मेहनत की सराहना है, लेकिन उनकी मौजूदा स्थिति के लिए उनके फैसले भी जिम्मेदार हैं।"

बढ़ती महंगाई और कमाई के अंतर पर भी हुई चर्चा

कई लोगों ने इस मुद्दे को केवल व्यक्तिगत फैसलों तक सीमित न रखते हुए व्यापक आर्थिक परिस्थितियों से भी जोड़ा। एक यूजर ने लिखा, "रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन लोगों की आमदनी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही।" एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "अगर व्यापक नजरिए से देखें तो दुनिया के कई देशों में लोग आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यहां तक कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में रहने वाले लोग भी खर्च और कमाई के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"

आर्थिक फैसलों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर जारी है बहस

पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए कुछ लोगों ने फिर से इस बात पर जोर दिया कि सीमित आय के बावजूद तीन बच्चों का फैसला एक बड़ा आर्थिक निर्णय था। एक यूजर ने कमेंट किया "ब्लू-कॉलर नौकरी करते हुए तीन बच्चों का पिता बनना निश्चित रूप से एक व्यक्तिगत चुनाव था।" हालांकि, कई लोगों का मानना है कि इस कहानी का बड़ा संदेश यह है कि लाखों लोग बढ़ती महंगाई, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक दबाव के बीच रोजाना संघर्ष कर रहे हैं। यही वजह है कि यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों से जुड़ाव बना रही है।

Disclaimer: आत्महत्या को रोका जा सकता है। अगर आपको मदद की जरूरत है या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे मदद की जरूरत है, तो कृपया अपने नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।  हेल्पलाइन: आसरा: 022 2754 6669; स्नेहा इंडिया फ़ाउंडेशन: +914424640050 और संजीवनी: 011-24311918, रोशनी फ़ाउंडेशन (सिकंदराबाद) संपर्क नंबर: 040-66202001, 040-66202000; वन लाइफ़: संपर्क नंबर: 78930 78930, सेवा: संपर्क नंबर: 09441778290

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