
International Yoga Day 2026: योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने का विज्ञान माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत समय पर किया गया योग आपके शरीर के लिए एक मूक दुश्मन बन सकता है? हाल ही में मेडिकल साइंस और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं के अध्ययनों ने कुछ ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं, जो यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि कहीं आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी तो नहीं पड़ रही है। आइए जानते हैं कि योग का सही समय क्या है और गलत समय पर योग करने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है।
#WATCH | "Yoga cannot be the same for everyone. Yoga practices should be chosen according to a person's age, health condition, and physical capabilities."
In the DD News Podcast, Des Raj, President of the Bharatiya Yog Sansthan, emphasised that people with high blood pressure,… pic.twitter.com/7xd7nUTNoA— DD News (@DDNewslive) June 19, 2026
लोग अक्सर अपनी सुविधानुसार खाना खाने के तुरंत बाद या थोड़े समय बाद ही योगासन शुरू कर देते हैं, लेकिन अमेरिकन संस्था NCCIH (National Center for Complementary and Integrative Health) के शोध इस पर एक गंभीर चेतावनी देते हैं। भोजन के तुरंत बाद जब आप योग की कठिन मुद्राएं या पेट पर दबाव डालने वाले आसन करते हैं, तो शरीर का पूरा तंत्र गड़बड़ा जाता है। मेडिकल साइंस के अनुसार, भोजन पचाने के लिए रक्त का प्रवाह पेट की तरफ होना चाहिए, लेकिन योग करने से वह मांसपेशियों की तरफ मुड़ जाता है। नतीजा? भीषण एसिडिटी, गंभीर पेट दर्द, मतली (जी मिचलाना) और पाचन तंत्र का पूरी तरह ठप हो जाना। डॉक्टरों के मुताबिक, भोजन और योग के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर होना अनिवार्य है, अन्यथा यह शरीर के भीतर एक धीमे जहर की तरह काम करता है।
आखिर क्यों दुनिया के तमाम विशेषज्ञ सुबह खाली पेट योग करने की जिद करते हैं? इसके पीछे अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (ACSM) ने एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक रहस्य उजागर किया है। सुबह के समय मानव शरीर में 'कॉर्टिसोल' हार्मोन का स्तर स्वाभाविक रूप से सबसे उच्च होता है। यह हार्मोन हमें सतर्क और ऊर्जावान बनाए रखता है। जब आप सुबह खाली पेट योग करते हैं, तो पाचन तंत्र पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होता, जिससे मानसिक एकाग्रता अपने चरम पर होती है। अगर आप इस सुनहरे समय को छोड़कर दिन के किसी भी रैंडम वक्त पर योग करते हैं, तो आपको वह मानसिक ऊर्जा और न्यूरोलॉजिकल लाभ कभी नहीं मिल पाते, जिसके लिए योग जाना जाता है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Prime Minister Narendra Modi says, "When we speak of Yoga for healthy ageing, it means that we can work to ensure that age does not reduce human potential. Yoga can help human life aspire for constant growth. Our target must be to be more flexible… pic.twitter.com/fULWjIuSvm
— ANI (@ANI) June 21, 2026
सूर्योदय के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत होता है और शरीर रातभर के विश्राम के बाद नई ऊर्जा से भरने के लिए तैयार रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह खाली पेट योग करने से शरीर की लचक बेहतर होती है, सांसों पर नियंत्रण आसान रहता है और मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के अनुसार, सुबह व्यायाम करने वाले लोग अपनी दिनचर्या को अधिक नियमित रूप से निभा पाते हैं। यही वजह है कि योगाचार्य भी ब्रह्ममुहूर्त या सुबह के समय योग की सलाह देते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भले ही योग को एक बेहतरीन शारीरिक गतिविधि मानता हो, लेकिन मेडिकल साइंस कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे एक 'साइलेंट थ्रेट' यानी छुपा हुआ खतरा मानता है। अगर आप बिना डॉक्टरी सलाह के इन स्थितियों में योग कर रहे हैं, तो परिणाम घातक हो सकते हैं:
वैज्ञानिक शोधों में एक राहत की बात भी सामने आई है। यदि आप सुबह समय नहीं निकाल पाते हैं, तो शाम का समय एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, लेकिन इसके नियम अलग हैं। शाम के समय किए जाने वाले धीमे आसन और ध्यान (Meditation) दिनभर के मानसिक तनाव को कम करने और अनिद्रा (Insomnia) की बीमारी को जड़ से खत्म करने में फायदेमंद साबित हुए हैं। चिकित्सकों का स्पष्ट निष्कर्ष है कि योग का कोई एक कठोर समय तय नहीं है, लेकिन सबसे जरूरी है "रोज एक निश्चित समय पर योग करना" और खाने के बाद पर्याप्त गैप रखना। समय का सही चुनाव ही आपको योग के असली और चमत्कारी फायदे पहुंचा सकता है।
कई अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित योग हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, तनाव कम करने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी नियमित शारीरिक गतिविधि के रूप में योग को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि योग के लिए कोई एक जादुई समय नहीं है। सुबह का समय सर्वोत्तम माना जाता है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है नियमितता। यदि आप रोज एक निश्चित समय पर, सही तरीके से और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार योग करते हैं, तो उसके लाभ लंबे समय तक मिल सकते हैं। योग शरीर को स्वस्थ बनाने का शक्तिशाली माध्यम है, लेकिन गलत समय, भरे पेट या बिना विशेषज्ञ सलाह के किया गया अभ्यास फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए अगली बार योग मैट बिछाने से पहले यह जरूर सोचें-क्या आपका समय सही है? यही छोटा सा फैसला आपके स्वास्थ्य का बड़ा रहस्य साबित हो सकता है।
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