
International Yoga Day 2026: इस बार 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ ऐसा होने जा रहा है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता इस भव्य आयोजन के लिए पूरी तरह सज चुकी है। शहर के ऐतिहासिक 'रेड रोड' पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 35 हजार लोग एक साथ योग की विभिन्न मुद्राओं में नजर आएंगे। लेकिन इस बार का सबसे बड़ा सस्पेंस और आकर्षण छिपा है हुगली नदी की लहरों पर। जब आसमान में सूरज की पहली किरण बिखरेगी, ठीक उसी समय हुगली नदी के पानी पर 500 से ज्यादा नावें एक कतार में तैरती दिखेंगी, जिन पर सवार होकर लोग योग करेंगे। नदी की शांत लहरों के बीच योग का यह नजारा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा है। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इस बार 2500 से अधिक जगहों पर योग के मेगा इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं, जिसने दुनिया की धड़कनों को बढ़ा दिया है।
#WATCH | Leh, Ladakh | 47th Battalion of the Indo-Tibetan Border Police celebrate the 12th annual Internation Day of Yoga by practicing on the banks of Pangong Tso.
(Source: ITBP) pic.twitter.com/Dvft56YqeG— ANI (@ANI) June 21, 2026
इस वर्ष योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग) रखी गई है। बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों को देखते हुए यह संदेश दिया जा रहा है कि योग केवल फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि जीवनभर स्वस्थ और सक्रिय रहने का मार्ग भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग न केवल शरीर की लचक और संतुलन बनाए रखता है, बल्कि तनाव, अनिद्रा और मानसिक दबाव जैसी समस्याओं से भी राहत देता है।
VIDEO | International Yoga Day: Women perform aqua yoga at Sama Sports Complex swimming pool in Gujarat's Vadodara.#YogaDay2026 #InternationalDayofYoga
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/9UCO3TkyIm— Press Trust of India (@PTI_News) June 21, 2026
हर साल योग दिवस की एक खास थीम होती है, लेकिन इस बार की थीम-"Yoga for Healthy Ageing" (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग)—सीधे हमारे भविष्य और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी है। आखिर इस थीम को चुनने के पीछे क्या सोची-समझी रणनीति है? अक्सर लोग योग को सिर्फ युवाओं की फिटनेस या वजन घटाने का जरिया मानते हैं, लेकिन इस बार का संदेश बेहद गहरा है। मेडिकल साइंस और योगिक परंपरा दोनों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर और मस्तिष्क में आने वाले बदलावों को योग के जरिए न सिर्फ धीमा किया जा सकता है, बल्कि बुढ़ापे को भी ऊर्जावान बनाया जा सकता है। यह थीम दुनिया को यह बताने के लिए चुनी गई है कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि उम्र के हर पड़ाव पर मानसिक शांति और दीर्घायु पाने का एक अचूक विज्ञान है।
#WATCH | Vijayawada, Andhra Pradesh | 12th annual International Day of Yoga celebrations in full swing at an event led by Yog Guru Baba Ramdev and organised at the Indira Gandhi Stadium in Labbipet. pic.twitter.com/gFxqCZOjeU
— ANI (@ANI) June 21, 2026
आखिर योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे एक गहरा खगोलीय और आध्यात्मिक रहस्य है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, 21 जून उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) कहा जाता है। इस दिन के बाद सूर्य दक्षिणायन होने लगता है। वहीं, अगर हम आध्यात्मिक इतिहास की परतों को खोलें, तो योगिक परंपरा के अनुसार, इसी खास दिन पर आदिगुरु यानी भगवान शिव ने अपनी समाधि तोड़ी थी और हिमालय की कंदराओं में सप्तऋषियों को योग का परम ज्ञान देना शुरू किया था। इसी वजह से 21 जून को योग के अवतरण और उसकी शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
#WATCH | Puri, Odisha | International Sand Artist Manas Kumar Sahoo creates a sand animation on the occasion of International Yoga Day 2026, depicting Prime Minister Narendra Modi practicing yoga.
The artwork took approximately 30 minutes to complete and highlights this year's… pic.twitter.com/XIJne2JBtB— ANI (@ANI) June 21, 2026
आज दुनिया के कोने-कोने में गूंजता 'योग' कभी केवल भारत की धरोहर था। इसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने की कहानी किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है। ठीक 12 साल पहले, 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने पहले ही भाषण में दुनिया के सामने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद जो हुआ, उसने संयुक्त राष्ट्र के इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। महज कुछ ही महीनों के भीतर, 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने रिकॉर्ड 177 देशों के भारी समर्थन के साथ इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह UN के इतिहास में किसी भी प्रस्ताव को मिला अब तक का सबसे बड़ा और सबसे तेज समर्थन था, जिसने भारत की सॉफ्ट पावर का लोहा पूरी दुनिया में मनवा दिया।
VIDEO | Kolkata: Preparations in full swing ahead of PM Modi's participation in 12th International Yoga Day.#YogaDay2026 #KolkataNews
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पिछले 11 सालों में योग दिवस का सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा और रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है। 21 जून 2015 को दिल्ली के राजपथ पर जब पहला योग दिवस मनाया गया, तो 35,985 लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने एक साथ योग कर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाले थे।
इसके बाद यह कारवां आगे बढ़ता रहा:
#WATCH | West Bengal: Preparation visuals from the Prinsep Ghat ahead of the International Yoga Day 2026.
PM Narendra Modi will attend the International Yoga Day Celebrations at Red Road in Kolkata tomorrow. pic.twitter.com/fnZEN1utKF— ANI (@ANI) June 20, 2026
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका सहित 190 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। दुनियाभर में लगभग 2500 स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारतीय दूतावासों, संयुक्त राष्ट्र कार्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी ने इसे विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य अभियानों में शामिल कर दिया है।
VIDEO | Kolkata: Dazzling laser show at Howrah Bridge as city gears up for 'International Yoga Day'.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/u90oW9adS5— Press Trust of India (@PTI_News) June 20, 2026
योग विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना कुछ मिनटों का अभ्यास भी बड़ा बदलाव ला सकता है।
VIDEO | Drone show lit up the sky near Howrah Bridge in Kolkata ahead of 'International Yoga Day', showcasing yoga poses and cultural icons.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/sMZohAC4Ih— Press Trust of India (@PTI_News) June 20, 2026
कोलकाता के रेड रोड से लेकर न्यूयॉर्क, टोक्यो और लंदन तक आज एक ही संदेश गूंजेगा-योग शरीर को मजबूत बनाने का साधन भर नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा को संतुलित करने की जीवनशैली है। जब हजारों लोग एक साथ योगासन करेंगे और हुगली नदी की लहरों पर नावों में बैठे लोग ध्यान मुद्रा में दिखाई देंगे, तब यह दृश्य केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारत की उस सांस्कृतिक शक्ति का प्रदर्शन होगा जिसने सीमाओं और भाषाओं से ऊपर उठकर पूरी दुनिया को जोड़ दिया है। आज का योग दिवस इसी वैश्विक संदेश के साथ मनाया जा रहा है-स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की ओर एक सामूहिक कदम।
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