त्रिशा कृष्णन पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उदयनिधि स्टालिन फिर विवादों में हैं। जानिए सनातन धर्म, हिंदी, NEET समेत उनके 5 सबसे विवादित बयान।

Udhayanidhi Stalin Controversies: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मंगलवार, 4 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि किसी बयान को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी सनातन धर्म, हिंदी भाषा, NEET परीक्षा और केंद्र सरकार से जुड़े उनके कई बयान राजनीतिक बहस और विरोध का कारण बन चुके हैं। आइए जानते हैं उनके 5 सबसे चर्चित विवादित बयान।

1. सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की

सितंबर 2023 में चेन्नई में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी। उन्होंने कहा था कि जैसे इन बीमारियों को खत्म किया जाता है, उसी तरह सनातन धर्म को भी समाप्त किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा सहित कई हिंदू संगठनों ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया। कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि यह बयान सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला है।

2. 'सनातन धर्म को खत्म करना होगा' 

मई 2026 में नई विधानसभा के दौरान अपने एक भाषण में उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातन धर्म समाज में भेदभाव को बढ़ावा देता है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। इस बयान पर भी कई हिंदू संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। आलोचकों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताया, जबकि इस मुद्दे पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।

3. हिंदी थोपने के विरोध में दिया बयान

उदयनिधि स्टालिन ने नई शिक्षा नीति (NEP) और भाषा नीति का विरोध करते हुए कई बार कहा कि तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यहां तक कि उन्होंने हिंदी को खत्म करने तक की बात कही। उनके इन बयानों के बाद केंद्र सरकार और DMK के बीच भाषा नीति को लेकर बहस तेज हुई। यह मुद्दा लंबे समय तक राजनीतिक चर्चा का विषय बना रहा।

4. राज्यपाल और केंद्र सरकार पर लगातार तीखे हमले

तमिलनाडु के राज्यपाल और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी उदयनिधि स्टालिन कई बार आक्रामक नजर आए हैं। उन्होंने विभिन्न सार्वजनिक मंचों से राज्यपाल की कार्यशैली और केंद्र सरकार के फैसलों की खुलकर आलोचना की। इन बयानों के बाद कई बार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और यह मुद्दा भी सुर्खियों में बना रहा।

5. NEET परीक्षा के खिलाफ लगातार बयान

उदयनिधि स्टालिन ने कई मौकों पर NEET परीक्षा का विरोध किया है। उनका कहना रहा है कि यह परीक्षा सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को नुकसान होता है। उन्होंने कई बार NEET परीक्षा को समाप्त करने की मांग भी उठाई। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और DMK के बीच लंबे समय तक राजनीतिक विवाद देखने को मिला।

त्रिशा टिप्पणी के बाद फिर विवादों में उदयनिधि

अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इससे पहले भी उनके कई बयान राष्ट्रीय स्तर पर बहस और विरोध का कारण बन चुके हैं। ऐसे में उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर विवादों का सिलसिला लगातार चर्चा में रहा है।