देशभर में मानसून का कहर जारी है। कहीं आसमान से मौत बरसी, कहीं पहाड़ टूट पड़े! बिहार-बंगाल में 11 मौतें, बद्रीनाथ हाईवे पर 200 यात्री फंसे, कई राज्यों में बारिश और बाढ़ का हाई अलर्ट। क्या कुदरत का यह खौफनाक रूप अभी और तबाही लाएगा?
नई दिल्ली: देश के बड़े हिस्से में इस समय कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बिहार और पश्चिम बंगाल में 11 लोगों की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बद्रीनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर विशाल बोल्डर गिरने से सैकड़ों यात्री रास्ते में फंस गए हैं, जबकि कई प्रमुख शहरों की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल में आसमान से बरसी मौत: जब पलों में उजड़ गईं जिंदगियां
सोमवार का दिन बिहार और पश्चिम बंगाल के लिए काल बनकर आया। खेतों और जलस्रोतों के पास काम कर रहे लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बिहार में अलग-अलग जिलों को मिलाकर 7 लोगों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन लोग झुलस गए। मृतकों में दो छात्र और एक मां-बेटे भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के जगतबल्लवपुर, आमता और बगनान क्षेत्रों में बिजली गिरने से 4 किसानों की जान चली गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहाड़ों में खौफनाक मंजर: ढहती चट्टानें और थमती सांसें
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का भयानक दौर जारी है। चमोली के पास बद्रीनाथ हाईवे पर पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। इसके चलते सोमवार रात 9 बजे से लगभग 200 यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। इसके अलावा:
- स्यानाचट्टी (यमुनोत्री मार्ग): पहाड़ से सड़क पर विशालकाय बोल्डर गिरा, हालांकि गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
- ऋषिकेश: गंगा नदी चेतावनी के स्तर के करीब पहुंच चुकी है। खतरे को देखते हुए SDRF की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रसिद्ध आरती घाट जलमग्न हो गए हैं।
- उत्तरकाशी: गंगोत्री हाईवे के 100 मीटर हिस्से में गहरी दरारें आ गई हैं और सड़क धंसने से यातायात रुक गया है।
राज्यवार स्थिति: जानिए आपके प्रदेश का हाल
अलग-अलग राज्यों में बारिश, अलर्ट और मौसम का ताजा मिजाज इस प्रकार है:
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उत्तर प्रदेश: 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
- आगरा, लखनऊ, बाराबंकी सहित कई शहरों में जलभराव।
- कई स्कूलों में छुट्टी घोषित।
- 72 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।
- गंगा, घाघरा और शारदा समेत 10 नदियां उफान पर, बिजनौर के 6 गांव बाढ़ की चपेट में।
उत्तराखंड: बद्रीनाथ हाईवे बंद, 200 यात्री फंसे
- चमोली में लैंडस्लाइड से बद्रीनाथ हाईवे बाधित।
- सड़क पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात ठप।
- ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर के करीब, घाटों पर SDRF की तैनाती बढ़ाई गई।
- गंगोत्री हाईवे पर सड़क धंसने और दरारें पड़ने से आवाजाही प्रभावित।
हरियाणा: सड़कें बनीं तालाब
- अंबाला और झज्जर में रात भर हुई मूसलाधार बारिश से सड़कें जलमग्न, दुकानों में पानी घुसा।
- मौसम विभाग ने 11 जिलों में अलर्ट जारी किया है, 6 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार।
बिहार: बिजली बनी जानलेवा
- बिजली गिरने से 7 लोगों की मौत, एक दर्जन से अधिक झुलसे।
- 34 जिलों में यलो अलर्ट जारी, जबकि पश्चिम चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
हिमाचल प्रदेश: 6 दिन तक बारिश का दौर
- ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में यलो अलर्ट।
- 5 अगस्त को कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की चेतावनी।
मध्य प्रदेश: 6 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम
- अगले दो दिन भारी बारिश से राहत, लेकिन 6 अगस्त से नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान।
छत्तीसगढ़: फिर सक्रिय हुआ मानसून
- आज से मानसून पुनः सक्रिय; अगले 3 दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट।
राजस्थान: आज से कमजोर पड़ेगा मानसून
- अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना कम।
- भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश के आसार।
IMD के अनुसार, अगले 48–72 घंटे उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों के लिए अहम हैं। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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