
12 फरवरी को किसान संगठनों और प्रमुख श्रमिक यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। लाखों-करोड़ों लोगों की भागीदारी का दावा है। बैंकिंग समेत कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यह कदम केंद्र की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में है।
संयुक्त किसान मोर्चा और देश के 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बंद का आह्वान किया गया है। 12 फरवरी को हो रहा यह बंद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के खिलाफ है। इस बंद में तकरीबन 30 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। बंद में बैंक कर्मचारी यूनियनों के शामिल होने की वजह से देशभर की बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर देखने को मिलने वाला है। इसके चलते लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों ने भारत बंद के समर्थन में केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर आपत्ति जताई है।