
Earthquake Alert on Mobile: फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद जारी सुनामी अलर्ट ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान प्राकृतिक आपदाओं की ओर खींचा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका स्मार्टफोन कई मामलों में भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले आपको चेतावनी दे सकता है? हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोगों को अपने मोबाइल में मौजूद इस फीचर की जानकारी ही नहीं होती। हालांकि यह तकनीक भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करती, लेकिन शुरुआती चेतावनी देकर जान बचाने में मदद जरूर कर सकती है। जानिए कैसे आपका मोबाइल भूकंप आने से पहले चेतावनी दे सकता है?
जवाब है, हां, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। आधुनिक स्मार्टफोन में लगे सेंसर जमीन में होने वाली शुरुआती हलचल को पहचानने में मदद कर सकते हैं। कई देशों में भूकंप निगरानी नेटवर्क और मोबाइल तकनीक को जोड़कर एक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बनाया गया है। जब भूकंप आता है, तो सबसे पहले तेज गति वाली P-Waves निकलती हैं। ये आमतौर पर कम नुकसान पहुंचाती हैं। इनके बाद आने वाली S-Waves ज्यादा खतरनाक होती हैं और भवनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि सिस्टम P-Waves को जल्दी पहचान ले, तो कुछ सेकंड पहले लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजा जा सकता है।
गूगल ने एंड्रॉइड भूकंप चेतावनी प्रणाली (Android Earthquake Alerts System) विकसित किया है। जिन देशों में यह सेवा उपलब्ध है, वहां एंड्रॉयड फोन भूकंप संबंधी चेतावनियां प्राप्त कर सकते हैं। यह सिस्टम स्मार्टफोन के एक्सेलेरोमीटर सेंसर और आधिकारिक भूकंप मॉनिटरिंग नेटवर्क की मदद से काम करता है। अगर आपके क्षेत्र में यह सुविधा उपलब्ध है, तो फोन स्क्रीन पर अलर्ट दिखाई दे सकता है और तेज आवाज के साथ चेतावनी भी मिल सकती है।
नहीं। यह बात समझना बेहद जरूरी है। कोई भी मोबाइल ऐप या फोन भूकंप की सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता। यह तकनीक केवल भूकंप शुरू होने के बाद उसकी शुरुआती तरंगों का पता लगाकर कुछ सेकंड से लेकर कुछ दर्जन सेकंड पहले चेतावनी देती है।
Android यूजर्स Settings में जाकर Safety & Emergency या Location Settings के भीतर Earthquake Alerts विकल्प देख सकते हैं। अलग-अलग कंपनियों के फोन में इसका स्थान थोड़ा अलग हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 5 से 30 सेकंड का समय भी लोगों को सुरक्षित जगह जाने, गैस बंद करने, मशीनें रोकने या मजबूत मेज के नीचे शरण लेने का मौका दे सकता है। आपदा की स्थिति में यही कुछ सेकंड जिंदगी और मौत के बीच का फर्क साबित हो सकते हैं। भूकंप को रोकना या उसकी सटीक भविष्यवाणी करना अभी संभव नहीं है, लेकिन तकनीक ने लोगों को पहले से सतर्क करने की दिशा में बड़ी प्रगति की है। यदि आपके फोन में Earthquake Alerts फीचर उपलब्ध है, तो उसे सक्रिय रखना एक छोटा कदम हो सकता है, जो किसी बड़े खतरे के समय बेहद काम आ सकता है।
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