रांका-दास की कस्टडी बढ़ने पर भावुक हुए दिपके, साथियों के समर्थन में क्या कह गए CJP चीफ

Published : Oct 19, 2026, 09:32 PM IST
dipke on ashutosh ranka saurav das

सार

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत 2 दिन बढ़ी। इस पर अभिजीत दिपके ने अपने साथियों के लिए एक भावुक मैसेज शेयर किया है।

Abhijeet Dipke on Ashutoh Ranka-Saurav Das: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई है। CJP के नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन जानबूझकर दोनों को रिहा नहीं होने दे रहा है। इस बीच, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दोनों नेताओं के समर्थन में एक भावुक संदेश साझा किया है। दिपके ने कहा कि आशुतोष और सौरव का पहला अपराध जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना था। उनका दूसरा अपराध पीछे हटने से इनकार करना है। उन्होंने दोनों नेताओं के संघर्ष, उनके फैसलों और दूसरों के लिए खड़े होने की भावना की तारीफ की।

जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के बाद जेल पहुंचे CJP नेता

  • अभिजीत दिपके के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास ने जेल में पांच दिन बिताने के बाद भी हौसला नहीं खोया। वे चेहरे पर मुस्कान लेकर अदालत पहुंचे। दिपके ने इसे उनके आत्मविश्वास और अपने फैसले पर कायम रहने की भावना का उदाहरण बताया।
  • CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद पार्टी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दिपके ने अपने संदेश में कहा कि दोनों नेताओं ने पीछे हटने के बजाय अपने विचारों और मकसद के लिए संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है।

लंदन की अच्छी नौकरी छोड़कर देश के लिए लड़ने का फैसला

  • अभिजीत दिपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के पुराने जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों के पास एक अच्छी जिंदगी जीने के कई मौके थे।
  • दिपके के मुताबिक, आशुतोष के पास कुछ साल पहले लंदन में एक अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी थी, जहां वह लाखों रुपये कमाते थे। वहीं, सौरव देश की कानूनी व्यवस्था के बारे में लिखते थे और एक अच्छी जिंदगी जी रहे थे।
  • दोनों के पास सफल करियर और आर्थिक सुरक्षा थी। वे अपनी जिंदगी को उसी तरह आगे बढ़ा सकते थे। उनके पास अपनी बनाई हुई जिंदगी को जारी रखने की हर वजह मौजूद थी।
  • इसके बावजूद, उन्होंने देश को बेहतर बनाने की उम्मीद में अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़ने का फैसला किया। वे अनिश्चितताओं का सामना करते हुए सड़कों पर उतरे और आखिरकार उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
  • दिपके ने कहा कि दोनों के पास अपनी सुख-सुविधाएं छोड़ने या जेल जाने की कोई खास वजह नहीं थी। फिर भी, उन्होंने ऐसा रास्ता चुना क्योंकि वे देश में बदलाव लाना चाहते थे।

संपन्न परिवार से होने के बावजूद दूसरों के लिए चुनी लड़ाई

  • अभिजीत दिपके ने कहा कि आशुतोष और सौरव की सबसे खास बात यह है कि अच्छी आर्थिक स्थिति और अच्छे बैकग्राउंड से आने के बावजूद उन्होंने उन लोगों के लिए लड़ने का फैसला किया, जिन्हें जीवन में उतने अवसर नहीं मिले।
  • दिपके के मुताबिक, दोनों चाहते तो अपनी जिंदगी का आनंद ले सकते थे और उन लोगों के संघर्षों से दूर रह सकते थे, जिन्हें वे जानते तक नहीं थे। उनके सामने ऐसा कोई दबाव नहीं था कि वे दूसरों के लिए अपनी सुविधाएं छोड़ें या किसी आंदोलन का हिस्सा बनें।
  • इसके बावजूद, उन्होंने ऐसा रास्ता चुना क्योंकि वे अपने अलावा दूसरे लोगों की भी परवाह करते हैं। दिपके ने उनके इस फैसले को दूसरों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मिसाल बताया।

ये भी पढ़ें : CJP: आशुतोष रांका-सौरव दास अभी जेल में ही रहेंगे, आखिर कितने दिन बढ़ी हिरासत

अभिजीत दिपके ने बताया आशुतोष रांका-सौरव दास को क्यों बताया खास

  • अभिजीत दिपके ने अपने संदेश में कहा कि उनके लिए किसी इंसान का सबसे बड़ा गुण उन लोगों के लिए खड़ा होना है, जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता।
  • उन्होंने ऐसी लड़ाइयां लड़ने, जो सीधे तौर पर आपकी अपनी नहीं हैं, और दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए अपनी सुविधाओं को दांव पर लगाने की भावना को महत्वपूर्ण बताया।
  • दिपके के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दोनों को ऐसे लोगों के रूप में पेश किया जो केवल अपने फायदे के बारे में नहीं सोचते, बल्कि दूसरों के बेहतर भविष्य के लिए भी संघर्ष करने को तैयार हैं।
  • दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ने के बीच दिपके का यह संदेश CJP के आंदोलन और उसके नेताओं के प्रति समर्थन को दिखाता है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

CJP Protest: अभी जेल में ही रहेंगे रांका-दास
सौरव दास-अशुतोष रांका की Judicial Custody 2 दिन बढ़ी, वकीलों ने क्यों उठाया सवाल?