
Delhi Police Detains Protesters: शनिवार को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में जनपथ के पास से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर 'जंतर-मंतर 2.0' प्रदर्शन बुलाया है। हालात को काबू में रखने के लिए पूरी दिल्ली में हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। प्रदर्शन से पहले राजधानी में 35,000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं।
आज होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य मकसद वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जवाबदेही तय करना है। दिल्ली पुलिस से इजाजत न मिलने के बावजूद CJP ने जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जुटाने का आह्वान किया है। CJP ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “10 अक्टूबर। जंतर-मंतर 2.0। हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए फिर से एक साथ आ रहे हैं। हमारे हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है...”
#WATCH | Delhi: Pink Force of the Delhi Police deployed for security, ahead of the CJP protest today. They are being deployed in wake of the recent incidents of misbehavior with women Police personnel. https://t.co/OBOMV0oZgA
— ANI (@ANI) October 10, 2026
इस ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी टीमों को साफ निर्देश दिया है कि जो भी प्रदर्शन करने की कोशिश करे, उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए, चाहे वह किसी भी जगह पर हो। पुलिस ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की यूनिट्स को भी इस ड्यूटी के दौरान हथियार न बांटने को कहा है। फोर्स की तैनाती के प्लान को लेकर संबंधित विभागों को चिट्ठियां भेज दी गई हैं।
इंडिया (INDIA) गठबंधन के प्रदर्शन के उलट, इस बार पुलिस टीमों को लाठी और डंडे साथ रखने की इजाजत दी गई है। पुलिस की छवि खराब करने वाले वीडियो जानबूझकर रिकॉर्ड करके वायरल करने की आशंका को देखते हुए, टीमों को प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह की बहस से बचने की हिदायत दी गई है।
पुलिस हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को छह तय सेंटर्स पर भेजेगी। इनमें छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल स्टेडियम, दौलतपुर का कम्युनिटी सेंटर और पंद्रावल का कम्युनिटी सेंटर शामिल हैं। 10 अक्टूबर के इस प्रदर्शन से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया है।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को देखते हुए अलर्ट जारी है. जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है. भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जंतर-मंतर और इंडिया गेट इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। https://t.co/w0WEEo1OjM
— Anand Mohan Shukla (@ShuklAnandMohan) October 10, 2026
सुरक्षा इंतजामों के तहत पूरी नई दिल्ली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, छतों पर निगरानी करने वाले जवान और ड्रोन तैनात किए जाने की उम्मीद है। इस प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के भी शामिल होने की संभावना है।
इस बीच, CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि अगर उन्हें हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार भी किया गया, तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में डिपके ने लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि वह शनिवार सुबह मुंबई से निकलेंगे और उन्हें नहीं पता कि एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा या बाद में।
डिपके ने कहा कि उनकी पार्टी की मुख्य मांगों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को रद्द करना और चुनाव आयुक्तों के लिए एक स्वतंत्र चयन प्रक्रिया शामिल है। उन्होंने कहा, “आप सभी से मेरी बस यही गुजारिश है कि अगर मुझे हिरासत में लिया जाता है या गिरफ्तार किया जाता है, तो मुझे इसका कोई डर नहीं है। अगर यह सरकार मेरे खिलाफ UAPA, NSA या जो भी कानून लगाना चाहती है, लगा सकती है। लेकिन मैं और CJP जिस चीज के लिए लड़ रहे हैं, वह है स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव। हमें निष्पक्ष चुनाव चाहिए, और ये चुनाव ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR को रद्द किए बिना और चुनाव आयुक्तों के चयन की स्वतंत्र प्रक्रिया के बिना नहीं हो सकते। यह प्रक्रिया पूरी तरह से तटस्थ और स्वतंत्र होनी चाहिए। इसके बिना निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं।”
CJP founder Abhijeet Dipke says services were restricted and forces moved into Delhi ahead of the protest. He says he is ready for arrest and will keep demanding free and fair elections. #Delhi #cjpprotest #Jantarmantar #JantarMantar2 https://t.co/hZwSs7CHGo
— No Filter (@nofilter207) October 10, 2026
इस प्रदर्शन को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए डिपके ने लोगों से अपील की कि मार्च को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रखा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदर्शनकारियों को कानून का पालन करना चाहिए और ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे इस प्रदर्शन का मकसद ही भटक जाए। डिपके ने कहा, "यह देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। इसलिए, आप सभी कल बड़ी संख्या में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आएं। लेकिन मेरी सभी से फिर से यही विनती है—याद रखें, हम कानून मानने वाले और शांतिप्रिय नागरिक हैं। इसलिए हमारी तरफ से कोई गलती नहीं होनी चाहिए। हम गुंडे नहीं हैं।"
इस प्रस्तावित भीड़ को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। एक आधिकारिक चिट्ठी में, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों से कहा है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाएं और इस जमावड़े को देखते हुए एहतियाती कदम उठाएं।
इस चिट्ठी में चिंता जताई गई है कि इजाजत न मिलने के बावजूद CJP और उसके समर्थक राजधानी में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। चिट्ठी में लिखा है, “मैं आपका ध्यान 10.10.2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित भारी भीड़ जुटाने से पैदा होने वाले गंभीर कानून-व्यवस्था के हालातों की ओर खींचना चाहता हूं। दिल्ली पुलिस द्वारा 09.10.2026 को जारी एक आधिकारिक आदेश (कॉपी साथ में है) के जरिए, CJP की तरफ से दी गई अर्जी को साफ तौर पर खारिज कर दिया गया है, और इस प्रस्तावित सभा पर रोक लगा दी गई है।”
Delhi: DCP Anant Mittal reached Aya Nagar Border to review the security arrangements. Delhi Police are checking vehicles at the border ahead of the CJP protest. https://t.co/M3YMQ9e6LN
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
ये सुरक्षा तैयारियां ऐसे समय में की जा रही हैं जब विपक्ष SIR प्रक्रिया और चुनाव में कथित धांधली को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध कर रहा है। इस बीच, शुक्रवार शाम को इंडिया (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और कथित "वोट चोरी" को लेकर चार मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज पर सवाल उठाए। राष्ट्रपति के साथ बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के बाद, विपक्ष के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बाहर आकर मीडिया को इस बातचीत के नतीजों की जानकारी दी।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा, इस प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय, NCP नेता सुप्रिया सुले और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला शामिल थे। वामपंथी दलों की तरफ से CPI(M) नेता एमए बेबी और CPI नेता डी राजा मौजूद थे। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और मनोज झा के साथ-साथ विदुथलाई चिरुथिगल काची के प्रमुख थोल. तिरुमावलवन भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
मुलाकात के बाद, राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को खारिज नहीं किया है और प्रतिनिधिमंडल से कथित चुनावी धांधली के सबूत मांगे हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह पूरी जानकारी देखेंगी और विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा है।
यह मुलाकात SIR प्रक्रिया और चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच हुई है। राष्ट्रपति से मिलने से पहले विपक्षी सांसदों ने एक मार्च निकाला था और प्रदर्शन किया था। उन्होंने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था, मेट्रो स्टेशन बंद करने और इंटरनेट पर पाबंदी लगाने को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी।
वहीं, दिल्ली पुलिस लगातार यही कह रही है कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए कोई इजाजत नहीं दी गई है।
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