
Cockroach Killing Dangers With Slippers: आजकल सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की खूब चर्चा हो रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच इस अनोखी पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एक बयान इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ। उन्होंने कहा, 'कॉकरोच कभी मरते नहीं।' मजाक से हटकर बात करें तो साइंस भी इस बात को सच मानता है। कॉकरोच इस धरती पर डायनासोर से भी पहले आए थे। इनका सिर कट जाए तो भी ये हफ्तों जिंदा रह सकते हैं, बिना मेल पार्टनर के भी फीमेल कॉकरोच बच्चा पैदा कर सकती हैं और परमाणु हमले का असर भी इन पर आसानी से नहीं होता। लेकिन जब यही ताकतवर जीव हमारी रसोई या वॉशबेसिन के पास दिखता है, तो हम तुरंत पैर से चप्पल निकालते हैं और तड़ाक से उस पर मार देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। वैज्ञानिकों का मानना है कि चप्पल से कॉकरोच को कुचलना आपकी पूरी फैमिली की सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है। आइए समझते हैं कि चप्पल से कॉकरोच को मारने के 2 बड़े नुकसान क्या हैं...
कॉकरोच कोई सीधा-साधा कीड़ा नहीं है। यह सीवर, गंदी नालियों और कचरे के ढेरों से रेंगता हुआ आपके खाने तक पहुंचता है। इसके पेट और शरीर पर लाखों खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं। कॉकरोच का बाहरी शरीर वैसे तो बहुत मजबूत होता है, लेकिन जब आप पूरी ताकत से उस पर चप्पल मारते हैं, तो उसके अंदरूनी अंग एक झटके में फट जाते हैं। उसका सारा गंदा खून और पेट के कीटाणु फर्श पर फैल जाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कुचले गए कॉकरोच के शरीर से निकले महीन तत्व हवा में मिल जाते हैं। जब घर के लोग, खासकर छोटे बच्चे या बुजुर्ग इस हवा में सांस लेते हैं, तो उन्हें अस्थमा (Asthma), भयंकर एलर्जी और सांस की बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
कॉकरोच को दुनिया का सबसे जिद्दी जीव क्यों कहा जाता है, इसका अंदाजा आप इसके बच्चे पैदा करने के तरीके से लगा सकते हैं। मादा कॉकरोच अपने अंडों को एक बहुत ही कड़े बैग में सुरक्षित रखती है, जिसे 'ऊथेका' कहा जाता है। यह कैप्सूल इतना मजबूत होता है कि इस पर बाजार में मिलने वाले कड़े जहर का भी असर नहीं होता। इसके एक बैग के अंदर 16 से 40 अंडे होते हैं। जब आप किसी मादा कॉकरोच पर चप्पल फेंकते हैं, तो कॉकरोच तो मर जाता है, लेकिन उसके पेट में मौजूद अंडों का वो सख्त बैग नहीं टूटता। चप्पल की चोट से वो बैग छिटककर घर के किसी ऐसे कोने या अलमारी के नीचे चला जाता है, जहां झाड़ू भी नहीं पहुंचती। कुछ ही दिनों बाद उस एक मरे हुए कॉकरोच की जगह आपकी रसोई में 30-40 नए छोटे कॉकरोच रेंगते हुए नजर आते हैं।
स्प्रे का सही इस्तेमाल
बाजार में मिलने वाले लाल हिट जैसे स्प्रे सीधे कॉकरोच के नर्वस सिस्टम पर वार करते हैं। इससे मांसपेशियां खिंचती हैं, उन्हें झटका लगता है और वे बिना गंदगी फैलाए फर्श पर उल्टे हो जाते हैं। इसके बाद आप उन्हें झाड़ू से समेटकर सीधे डस्टबिन में फेंक सकते हैं।
स्पेशल जेल (Gel) फॉर्मूला
आजकल कॉकरोच भगाने वाले सीक्रेट जेल आते हैं। इनकी छोटी-छोटी बूंदें किचन के कोनों में लगा दी जाती हैं। कॉकरोच इसे खाते हैं और अपने घोंसले में जाकर मरते हैं। सबसे बड़ी यूटिलिटी यह है कि जो दूसरे कॉकरोच इस मरे हुए कॉकरोच को खाते हैं, वे भी इसके जहर से अपने आप साफ हो जाते हैं।
घरेलू नुस्खा
अगर आप केमिकल से बचना चाहते हैं, तो बेकिंग सोडा और पिसी हुई शक्कर को बराबर मात्रा में मिलाकर कोनों में डाल दें। शक्कर की मिठास के चक्कर में कॉकरोच इसे खाएंगे और बेकिंग सोडा उनके पेट के सिस्टम को खराब करके उन्हें खत्म कर देगा।
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