अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके का मास्टरप्लान! जंतर-मंतर पर क्या होने वाला है?

Published : Jun 06, 2026, 11:07 AM IST
 cockroach janta party jantar mantar protest delhi police approval abhijeet dipke education reform

सार

क्या जंतर-मंतर पर मिला प्रदर्शन का परमिट किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है? क्या अभिजीत दिपके और CJP छात्रों के मुद्दों पर नया राष्ट्रीय आंदोलन खड़ा कर रहे हैं? क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग से शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा राजनीतिक दबाव बनेगा? क्या सौरव दास, सोनम वांगचुक और नए चेहरों की एंट्री इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर नई ताकत देगी? 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दिल कहा जाने वाला जंतर-मंतर इस वक्त एक अभूतपूर्व राजनीतिक बवंडर का गवाह बन रहा है। सोशल मीडिया के डिजिटल स्क्रीन से पैदा हुआ एक व्यंग्यात्मक आंदोलन अब सड़कों पर बारूद बनकर फटने को तैयार है। जी हां, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को तमाम अनिश्चितताओं और सस्पेंस के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस से हरी झंडी मिल गई है। इस मंजूरी के मिलते ही पूरे लुटियंस जोन में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

एयरपोर्ट पर सीक्रेट मीटिंग: जब लैंड करते ही घिर गए आंदोलन के मुखिया

इस पूरे घटनाक्रम में सस्पेंस तब चरम पर पहुंच गया जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके विशेष रूप से इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए अमेरिका से भारत लौटे। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके कदम रखते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया।

 

कुछ ही देर बाद हवाई अड्डे पर पुलिस के आला अधिकारियों ने दिपके से एक सीक्रेट मुलाकात की। पहले यह खबर आ रही थी कि पुलिस का कहना है कि उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है, जिससे समर्थकों में गिरफ्तारी का डर बैठ गया था। लेकिन, इस मुलाकात में पुलिस ने चौंकाने वाला यू-टर्न लेते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आधिकारिक मंजूरी सौंप दी। इस बड़े ट्विस्ट के बाद, CJP ने अपने समर्थकों को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर जुटने के बजाय सीधे जंतर-मंतर पहुंचने का गुप्त संदेश जारी किया।

 

 

चाणक्य नीति: खोजी पत्रकारों और कॉर्पोरेट दिग्गजों की नई 'वार रूम'

यह सिर्फ छात्रों का कोई आम गुस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद शातिर और पढ़ा-लिखा 'वार रूम' काम कर रहा है। CJP ने अपनी रणनीति को धार देने के लिए देश के जाने-माने खोजी पत्रकार सौरव दास को अपना मुख्य प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है। सौरव दास को प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक जवाबदेही पर उनके तीखे तेवरों के लिए जाना जाता है। इतना ही नहीं, इस टीम में राजनीतिक शोधकर्ता विजेता दहिया और आईआईटी (IIT) कानपुर के पूर्व छात्र व दुनिया की दिग्गज कंसल्टेंसी फर्म मैकिन्से (McKinsey) के पूर्व कंसलटेंट आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता बनाकर मैदान में उतारा गया है। पत्रकारों, आईआईटीयंस और कॉर्पोरेट दिग्गजों का यह गठजोड़ पारंपरिक नेताओं की नींद उड़ाने के लिए काफी है।

5 जून की वो खतरनाक डेडलाइन: सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम!

आखिर यह पूरा बवाल किस बात को लेकर है? दरअसल, देश में हाल ही में हुई राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित व्यवस्थित पेपर लीक और धांधली को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। कॉकरोच जनता पार्टी सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।

 

 

इस आंदोलन में असली सस्पेंस और वजन तब आया जब देश के दिग्गज शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस लड़ाई में कूदने का एलान कर दिया। वांगचुक ने सीधे सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 5 जून तक इस्तीफा नहीं दिया, तो वह खुद जंतर-मंतर पर इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। 5 जून की वो डेडलाइन बीत चुकी है, और अब वांगचुक की एंट्री ने इस आंदोलन को सरकार के लिए एक बड़े सिरदर्द में बदल दिया है।

'हाथ में तिरंगा, जेब में फूल': शांतिपूर्ण मार्च या तूफान से पहले की शांति?

रविवार की सुबह दिल्ली में कदम रखते ही अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद भावुक और रणनीतिक पोस्ट शेयर किया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से किसी भी प्रकार की हिंसा न करने की अपील की है। अभिजीत दिपके का संदेश: "पहुंच गया हूं। अपने साथ एक किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! सहानुभूति और आभार के तौर पर पुलिसकर्मियों को फूल दें। हमें इस आंदोलन को प्यार और शांति के साथ आगे बढ़ाना है!"

हाथ में किताब, तिरंगा और पुलिस के लिए फूल-इस अनोखे और प्रतीकात्मक संदेश ने इस आंदोलन को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया है। डिजिटल दुनिया की व्यंग्य-आधारित टिप्पणियों से शुरू हुई यह 'कॉकरोच जनता पार्टी' आज जंतर-मंतर पर हज़ारों की भीड़ के साथ खड़ी है। अब देखना यह है कि शांति और फूलों के इस रास्ते से शुरू हुआ यह संग्राम दिल्ली की सत्ता को किस हद तक झुका पाता है। सस्पेंस बरकरार है और जंतर-मंतर पर नजरें टिकी हैं।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

टीएमसी में मची भगदड़! Madan Mitra ने ममता का साथ छोड़ने वालें बागी नेताओं को दिया खुला चैलेंज
'कॉकरोच' सड़कों पर उतरे : जंतर-मंतर पर एक्शन शुरू, देखिए 5 ताजा तस्वीरें...