
सोनीपत में रिश्तों की बदलती तस्वीर को सामने लाने वाला एक भावुक मामला सामने आया। यहां एक पिता को वृद्धाश्रम के बिस्तर से लेकर शव शैय्या तक सिर्फ इंतजार ही इंतजार मिला। उसकी बेटियां पिता के अंतिम संस्कार तक में शामिल होने का समय न निकाल पाईं। पिता के अंतिम दर्शन और पंचतत्व में विलीन होने का पूरा दायित्व उन्होंने वीडियो कॉल पर निभाया। बड़ी बेटी ने ऑनलाइन 5100 रुपए भेजते हुए विधि विधान से अंतिम संस्कार करने को बोला। आइए जानते हैं यह मामला क्या है