
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके वसंत विहार में सरेआम गुंडागर्दी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर, 52 साल के परमिंदर सिंह अरोड़ा और उनके 22 साल के बेटे तेजस सिंह अरोड़ा के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना वीकेंड पर तब हुई, जब ब्रिगेडियर ने अपने घर के पास खड़ी एक लग्जरी कार में दो लोगों को शराब पीने से टोका था।
ब्रिगेडियर की पत्नी ने बताया कि रात करीब 9:45 बजे उनका परिवार रोज की तरह टहलने के लिए बाहर निकला था। तभी उन्होंने सोसाइटी के गेट के पास कुछ लोगों को कार में शराब पीते देखा। जब उन्हें ऐसा करने से मना किया गया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर गालियां देनी शुरू कर दीं और भद्दी टिप्पणियां कीं।
परिवार ने फौरन पुलिस हेल्पलाइन पर फोन किया। करीब 30 मिनट बाद एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची। लेकिन, ब्रिगेडियर की पत्नी का आरोप है कि पुलिस के आने से भी हालात नहीं सुधरे। आरोपी पुलिस के सामने भी बाज नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने फोन पर किसी से बात करके पुलिसवालों पर दबाव बनाया, जिसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद दो और कारें वहां आ गईं और 7-8 लोगों का एक झुंड वहां पहुंचा, जो कथित तौर पर आरोपियों के साथी थे। ब्रिगेडियर की पत्नी ने आरोप लगाया, “उन्होंने मेरे बेटे को जमीन पर गिरा दिया और उसे पीटना शुरू कर दिया।” जब हमलावरों ने बेटे पर हमला किया, तो ब्रिगेडियर उसे बचाने के लिए आगे आए। लेकिन भीड़ ने उन्हें भी घेर लिया और उनकी भी पिटाई कर दी। दोनों को कई चोटें आईं, अफसर की कोहनी पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे।
महिला ने यह भी दावा किया कि यह मारपीट करीब 20 मिनट तक चलती रही और इस दौरान पुलिसकर्मी सिर्फ खड़े होकर तमाशा देखते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान, जब वह अपने परिवार को बचाने की कोशिश कर रही थीं, तो हमलावर उन पर भी भद्दे कमेंट्स कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि हमले के बाद पुलिस ने उन्हें और अपमानित किया। उन्हें कथित तौर पर पीसीआर वैन की डिग्गी में बैठने के लिए कहा गया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद वे खुद ही पुलिस स्टेशन पहुंचे।
स्टेशन पर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और शिकायत दर्ज करने में देरी की गई। ब्रिगेडियर की पत्नी ने आरोप लगाया, "जब हमने पूछा कि केस क्यों दर्ज नहीं हो रहा, तो हमें बताया गया कि पहले मेडिको-लीगल केस (MLC) की जरूरत होगी। जब हमने पुलिस से हमें अस्पताल ले जाने के लिए कहा, तो उन्होंने मना कर दिया और पूरे समय हमारे साथ बदतमीजी से बात की। आखिरकार, हम खुद मिलिट्री अस्पताल गए, जहां हमारी जांच और इलाज हुआ।"
इस मामले में अब भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है, जिसमें मारपीट, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी, दंगा और महिला का अपमान करने के इरादे से किए गए कृत्य शामिल हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि शुरुआती जांच में जांच अधिकारी की ओर से चूक पाई गई है, जिसे अब डिस्ट्रिक्ट लाइन्स भेज दिया गया है। आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
इस बीच, भारतीय सेना ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सेना की ओर से कहा गया, "भारतीय सेना के अधिकारियों ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है। एक मिलिट्री पुलिस टीम को अधिकारी की सहायता के लिए निर्देश दिया गया है। दिल्ली पुलिस से तेजी से जांच करने और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।"
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।