
नई दिल्ली: चुनावों में होने वाली फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए अब एक नई तकनीक की मांग उठी है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एक ऐसी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया, जिसमें पोलिंग बूथों पर फिंगरप्रिंट और आंखों के स्कैन (बायोमेट्रिक) से पहचान की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और कुछ अन्य राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह साफ कर दिया कि इस मांग को अभी कुछ राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के लिए नहीं माना जा सकता। हालांकि, बेंच ने कहा, 'आने वाले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में इसे लागू करने की जरूरत है।'
यह याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि घूस, गलत प्रभाव और फर्जी वोटिंग जैसी चीजें चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता और ईमानदारी पर असर डालती हैं। इससे आम नागरिकों को बहुत बड़ा नुकसान होता है। इसलिए, चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह पोलिंग बूथों पर फिंगरप्रिंट और आंखों के बायोमेट्रिक सिस्टम को लागू करे।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।