
Delhi Building Collapse Latest Update: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर लड़कों के एक मल्टी-स्टोरी PG हॉस्टल के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। हादसे के बाद करीब 40 से 50 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं। वे हादसे वाली साइट पर फोन पर ही जानकारी लेती नजर आईं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में वे AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस समय सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्चों की जान बचाना है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा और मौके पर सभी अधिकारी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान में किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
#WATCH | Delhi Chief Minister Rekha Gupta at the Satya Niketan PG building collapse site. pic.twitter.com/lL1ytdQKr8
— ANI (@ANI) September 6, 2026
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इमारत पुरानी थी और उसमें निर्माण व मरम्मत का काम चल रहा था। खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया और पूरी इमारत ढह गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर हो रहा था और हादसे के समय बच्चे अंदर मौजूद थे। हालांकि, हादसे की पूरी वजह और निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, घटना की जानकारी साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को रविवार दोपहर करीब 1:34 बजे PCR कॉल के जरिए मिली थी। मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए बताया कि जिस समय इमारत गिरी, उस वक्त अंदर करीब 40 से 50 छात्र मौजूद हो सकते थे। हालांकि, मलबे में वास्तव में कितने लोग फंसे हैं, इसकी सही संख्या अभी सामने नहीं आई है।
#WATCH | Delhi: Search and rescue operations are underway on a war footing in South Delhi's Satya Niketan area following the collapse of a building.
Teams from the National Disaster Response Force (NDRF), Fire Service, Delhi Police and other agencies are working at the site to… pic.twitter.com/FKwSOyY2pm— ANI (@ANI) September 6, 2026
इलाके के लोगों के मुताबिक, गिरी हुई इमारत लड़कों का PG थी। एक चश्मदीद ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि पांच मंजिला इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज़’ था और इसका इस्तेमाल खास तौर पर लड़कों के PG के रूप में किया जा रहा था। चश्मदीद के मुताबिक, इसके पास मौजूद एक और इमारत भी गिर गई। उन्होंने बताया कि जो छात्र हादसे के समय अपने कमरों में मौजूद थे, उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। चश्मदीद ने कहा कि फंसे हुए छात्रों की सही संख्या का पता हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही चल पाएगा।
चश्मदीदों के अनुसार, हादसे में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बचावकर्मियों को मलबे के अंदर से घायलों को बाहर निकालने में काफी मुश्किल हो रही है। आसपास रहने वाले छात्रों का कहना है कि रविवार होने की वजह से हादसे के समय ज्यादातर छात्र अपने हॉस्टल के अंदर ही रहे होंगे। इसी कारण मलबे में बड़ी संख्या में छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
#WATCH | Delhi Chief Minister Rekha Gupta speaks with doctors and health officials at the AIIMS Trauma Centre and takes stock of the health condition of individuals who have been brought here after being rescued from the Satya Niketan building collapse site.
(Source: CMO) pic.twitter.com/w7aVk8lX2J— ANI (@ANI) September 6, 2026
सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अंधेरा होने के बावजूद NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं। बचावकर्मी भारी मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। फिलहाल पूरा फोकस मलबे में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने पर है। मलबे से अब तक 6-7 छात्रों को बाहर निकालकर पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के मुताबिक, AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दो छात्रों की हालत गंभीर बनी हुई है।
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