
Satya Niketan PG Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG बिल्डिंग ढहने की घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हादसे में मध्य प्रदेश के देवास निवासी 18 वर्षीय अर्पित जय की भी मौत हो गई। बेटे को खोने के दर्द के बीच परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी में रोशनी लौट सकती है। परिजनों ने अर्पित का कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया। अर्पित हाल ही में रक्षाबंधन मनाकर दिल्ली स्थित अपने PG वापस लौटे थे। परिवार के मुताबिक, वह हादसे से कुछ समय पहले ही वहां पहुंचे थे। इसके बाद परिवार को उनके सुरक्षित होने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली।
अस्पताल में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अर्पित के परिवार ने उनके कॉर्निया दान किए। परिजनों का कहना है कि बेटे की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन अगर उनके फैसले से किसी दूसरे व्यक्ति को देखने की क्षमता मिलती है तो यह उनके लिए बड़ी मानवीय संतुष्टि होगी। परिवार के लिए यह फैसला उस समय आया जब वे अर्पित को खोने के गहरे सदमे से गुजर रहे थे। उनका कहना है कि बेटे की याद हमेशा उनके साथ रहेगी और किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटाना उनके लिए उसकी याद को जिंदा रखने जैसा है।
अर्पित के पिता भूपेंद्र जय ने बेटे को खोने का दर्द साझा करते हुए कहा कि वह रक्षाबंधन की छुट्टियों के बाद हाल ही में घर से दिल्ली वापस लौटा था। उन्होंने कहा कि अर्पित के PG पहुंचने के बाद परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी वापसी होगी। पिता ने PG की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि अगर बेटे ने पहले वहां की हालत के बारे में बताया होता तो वह उसे वहां रहने की अनुमति नहीं देते। इस हादसे ने परिवार के लिए खुशी के उस दौर को मातम में बदल दिया, जब अर्पित कुछ समय पहले ही रक्षाबंधन मनाकर घर से वापस गया था।
हादसे के बाद अर्पित की तलाश कर रहे उसके दोस्तों और परिवार को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक दोस्त के मुताबिक, पूरी रात अर्पित के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। दोस्त ने बताया कि सोमवार सुबह AIIMS से सूचना मिली कि एक शव उनके द्वारा दी गई पहचान से मेल खा रहा है। हालांकि, जब पहचान के लिए पहुंचे तो शरीर बुरी तरह घायल होने के कारण तुरंत पहचान नहीं हो सकी। करीब सुबह 6:30 बजे अर्पित का परिवार अस्पताल पहुंचा। बताया गया कि उसकी मां ने शरीर पर मौजूद एक जन्मचिह्न के जरिए अपने बेटे की पहचान की। इसके बाद परिवार को यकीन हुआ कि हादसे में लापता अर्पित अब इस दुनिया में नहीं रहा।
पुलिस के अनुसार, सत्य निकेतन में ढही इमारत के मालिक को सोमवार को राजस्थान के भिवाड़ी इलाके से गिरफ्तार किया गया। हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका और बिल्डिंग की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण और शुरुआती आकलन सामने आने के बाद मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच के जरिए हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अर्पित की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, लेकिन कॉर्निया दान का उनका फैसला इस त्रासदी के बीच एक मानवीय संदेश भी देता है। परिवार का कहना है कि बेटे की जिंदगी वापस नहीं आ सकती, लेकिन उसकी आंखों से किसी और को दुनिया देखने का मौका मिल सकता है।
सत्य निकेतन हादसे की आधिकारिक जांच जारी है। वहीं, अर्पित का परिवार अब अपने बेटे को खोने के दुख के साथ इस उम्मीद को भी संजोए हुए है कि उसके कॉर्निया से किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटेगी।
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