Gujarat Political Donation Racket: गुजरात में BNJD पर ₹1,143 करोड़ के कथित फर्जी राजनीतिक चंदे का आरोप लगा है। FIR में 56,238 दाताओं और करीब ₹343 करोड़ के कथित टैक्स नुकसान का जिक्र है।
गुजरात के गांधीनगर से राजनीतिक चंदे की आड़ में कथित बड़े वित्तीय खेल का मामला सामने आया है। इनकम टैक्स विभाग की शिकायत के आधार पर गुजरात CID Crime ने Bharatiya National Janata Dal (BNJD) और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में 2019-20 से 2024-25 के बीच 56,238 लोगों से कथित तौर पर ₹1,143.85 करोड़ का फर्जी राजनीतिक चंदा लेने और सरकार को करीब ₹343 करोड़ के टैक्स नुकसान का आरोप है। ये आरोप हैं और जांच के निष्कर्ष अदालत में साबित होना बाकी हैं।
56 हजार से ज्यादा लोगों का नाम
FIR के मुताबिक BNJD के खातों में RTGS जैसे बैंकिंग माध्यमों से रकम पहुंचाई गई। इसके बदले कथित तौर पर ऐसे डोनेशन रिसीट जारी किए गए, जिनके आधार पर दाताओं ने आयकर कानून के तहत उपलब्ध कटौती का दावा किया।
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₹1,143 करोड़ के बाद कैश रिटर्न का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रकम बाद में J Trading, Kajal Enterprises और Parmar Associates जैसी फर्मों तक पहुंचाई गई। कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश हुई और रकम नकद निकाली गई। शिकायत में 2 से 10 फीसदी तक कमीशन काटने के बाद बाकी पैसा दाताओं तक लौटाने का आरोप है।
Form 24A में भी कथित गड़बड़ी
शिकायत में आरोप है कि पार्टी ने कथित फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए और Election Commission के सामने Form 24A में योगदान की जानकारी दी। इसी आधार पर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
पार्टी के पदाधिकारी जांच के घेरे में
FIR में BNJD अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार विष्णुभाई गजेरा, महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रोनकसिंह चावड़ा और CA/ऑडिटर आदिल सैयद के नाम हैं। शिकायत में गजेरा पर नेटवर्क की निगरानी और कमीशन तय करने का आरोप लगाया गया है। आरोपों की जांच जारी है।
पहले भी उठे थे चंदे पर सवाल
सितंबर 2026 की एक India Today पड़ताल में भी BNJD के बड़े घोषित चंदे और उसके सीमित राजनीतिक footprint के बीच अंतर पर सवाल उठाए गए थे। हालांकि उस रिपोर्ट ने खुद स्पष्ट किया था कि केवल ऐसे अंतर से किसी अवैध गतिविधि का प्रमाण स्थापित नहीं होता।
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