
धनतेरस 2026: 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर में वास करती हैं। यही वजह है कि धनतेरस से पहले लोग घर की सफाई करते हैं और मुख्य दरवाजे को सजाते हैं। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य दरवाजे के पास रखना अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन्हें धनतेरस से पहले हटा देना चाहिए।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे के पास कूड़ेदान रखना अच्छा नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर में नकारात्मकता आती है। दिवाली और धनतेरस से पहले दरवाजे के आसपास की जगह साफ करें और कूड़ेदान को दूसरी जगह रखें।
कई घरों में लोग मुख्य दरवाजे के सामने ही जूते-चप्पल इकट्ठा करके रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर का प्रवेश द्वार अव्यवस्थित दिखाई देता है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए जूते-चप्पलों को एक जगह व्यवस्थित रखें।
घर के मुख्य दरवाजे पर टूटे गमले और सूखे पौधे रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। वास्तु मान्यता में हरे-भरे पौधों को खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसलिए धनतेरस से पहले सूखे पौधों को हटाएं और उनकी जगह स्वस्थ पौधे लगाएं।
कई बार घर के बाहर पुरानी कुर्सियां, टूटी मेज और बेकार सामान पड़ा रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य दरवाजे पर ऐसी चीजें रखना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर का प्रवेश रास्ता भी छोटा हो जाता है। धनतेरस पर ऐसे सामान को ठीक करवाएं या वहां से हटा दें।
वास्तु की कुछ मान्यताओं के अनुसार, मुख्य दरवाजे के सामने कांटेदार पौधे रखना अच्छा नहीं माना जाता। इन्हें घर के वातावरण में तनाव और बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए दरवाजे के आसपास तुलसी, मनी प्लांट या दूसरे हरे-भरे सजावटी पौधे लगा सकते हैं।
धनतेरस पर घर के मुख्य दरवाजे को साफ रखें। दरवाजे पर सुंदर रंगोली बनाएं और फूलों की तोरण लगाएं। शाम को दरवाजे के पास दीपक जलाएं। ध्यान रखें कि दीपक सुरक्षित जगह पर हो और उसके आसपास ज्वलनशील सामान न रखा हो। धार्मिक मान्यता है कि साफ-सुथरा और सुंदर प्रवेश द्वार मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक होता है।
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