
नई दिल्ली: BJP के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। राष्ट्रपति भवन के मुताबिक, यह नियुक्ति उस तारीख से प्रभावी होगी, जिस दिन डॉ. शर्मा अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। 62 वर्षीय डॉ. दिनेश शर्मा इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। वह 2017 से 2022 तक योगी आदित्यनाथ सरकार में डिप्टी सीएम रहे। अब उन्हें केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले उनका लंबा जुड़ाव शिक्षा के क्षेत्र से रहा। वह लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर भी रहे हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमकॉम, पीएचडी और डीपीए जैसी डिग्रियां हासिल कीं। अकादमिक क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने कॉमर्स से जुड़े विषयों पर किताबें और रिसर्च पेपर भी लिखे। यानी उनकी पहचान सिर्फ एक राजनेता के तौर पर नहीं रही। शिक्षा, संगठन और सक्रिय राजनीति-तीनों क्षेत्रों में उन्होंने लंबे समय तक काम किया।
डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ। इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा यानी BJYM में सक्रिय हुए और उत्तर प्रदेश में संगठन की जिम्मेदारी संभाली। युवा संगठन में काम करते हुए उन्होंने भाजपा के भीतर अपनी अलग पहचान बनाई। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका धीरे-धीरे बढ़ती गई और बाद में वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। उनके राजनीतिक सफर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी महत्वपूर्ण उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि वाजपेयी ने उनके राजनीतिक कौशल को पहचाना और संगठन में उनकी भूमिका को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक करियर में लखनऊ के मेयर का पद एक बड़ा पड़ाव रहा। वह पहली बार 2006 में लखनऊ के महापौर चुने गए। इसके बाद 2012 में उन्होंने फिर चुनाव जीता। इस तरह वह करीब 12 साल तक लखनऊ के महापौर रहे और मार्च 2018 तक इस पद पर बने रहे। इसी अवधि में उन्होंने यूपी मेयर काउंसिल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। लखनऊ के मेयर के रूप में लंबे कार्यकाल ने उन्हें राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। इसके बाद भाजपा संगठन में भी उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद डॉ. दिनेश शर्मा को पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा वह संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने गुजरात के प्रभारी की भूमिका भी निभाई। इसके अलावा हरियाणा में मुख्यमंत्री और राजस्थान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चयन के लिए पार्टी के पर्यवेक्षक के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उनकी पहचान संगठन के अनुभवी नेताओं में हुई, जिन पर पार्टी महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए भरोसा करती रही।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में डॉ. दिनेश शर्मा का सबसे बड़ा पद तब आया, जब 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। 2017 से 2022 तक वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में डिप्टी सीएम रहे। इस दौरान उनके पास माध्यमिक और उच्च शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी रही। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा और सितंबर 2023 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने।
डॉ. दिनेश शर्मा 2023 से राज्यसभा के सदस्य हैं। उच्च सदन में रहते हुए उन्होंने संसदीय कामकाज से जुड़ी कई जिम्मेदारियां संभालीं। वह संसदीय राजभाषा समिति से भी जुड़े रहे और इसकी पहली उप-समिति के संयोजक की भूमिका निभाई। यह समिति सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल की प्रगति की समीक्षा से संबंधित है। राज्यसभा में उनका मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना था। अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में नई नियुक्ति के बाद अब उनकी राजनीतिक भूमिका एक संवैधानिक पद की ओर बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति से लेकर राज्यसभा तक लंबा सफर तय करने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा को अब अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जिम्मेदारी मिली है। नई भूमिका में वह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की कमान संभालेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर नई जिम्मेदारियां दिए जाने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, उनकी नियुक्ति का आधिकारिक आधार राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना है। डॉ. दिनेश शर्मा ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लेते हैं। अब लखनऊ के मेयर, यूपी के डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद के बाद उनके राजनीतिक सफर में अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल की नई भूमिका जुड़ गई है।
अंडमान-निकोबार का उप-राज्यपाल बनाए जाने के बाद दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि वे इस संवैधानिक कर्तव्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे।
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