Donald Trump Iran War: युद्ध टला या आने वाला है बड़ा तूफान? ईरान के नए तेवरों पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

Published : Aug 10, 2026, 09:44 AM IST
donald trump

सार

Iran War: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई से पीछे हट गए हैं। उन्होंने जंग की बजाय आर्थिक दबाव का संकेत दिया है। जानिए ट्रंप ने क्या कहा।

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी में एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई से पीछे हट गए हैं। रविवार को ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल स्थिति को 'लो-की' रख रहा है और ईरान की बिगड़ती आर्थिक हालत पर नजर बनाए हुए है। इधर, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने नई और कड़ी शर्तें रख दी हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या वाकई युद्ध का खतरा कम हुआ है या फिर यह किसी बड़े टकराव से पहले की खामोशी है?

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा

डोनाल्ड ट्रंप ने Axios से बातचीत में संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ नई बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बजाय आर्थिक दबाव को असर दिखाने का समय दे रहा है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को 'चेस गेम' (Chess Game) बताते हुए कहा, 'हम इसे बहुत ज्यादा तूल नहीं दे रहे हैं। हम उनके साथ सिर्फ सेमी-नेगोशिएशन कर रहे हैं।' ट्रंप का मानना है कि ईरान इस समय बेहद खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है। देश में भारी महंगाई है, सरकार के पास अपनी फौज को देने के लिए पैसे नहीं हैं और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी (Naval Blockade) ने उनके संकट को और गहरा कर दिया है।

एक हफ्ते पहले तक अलग था ट्रंप का मूड

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि करीब एक हफ्ते पहले ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर शुरू करने के विकल्प पर विचार कर रहा था। लेकिन अब ट्रंप ने नई सैन्य कार्रवाई की कोई नई धमकी नहीं दी है। इसके बजाय उन्होंने आर्थिक दबाव और बातचीत को आगे बढ़ाने की बात कही। यानी अमेरिका की रणनीति फिलहाल 'पहले आर्थिक दबाव, फिर आगे का फैसला' जैसी दिखाई दे रही है।

स्ट्रेट ऑफ हार्मुज डील और ईरान की नई शर्तें

ईरान, ओमान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से जहाजों की आवाजाही को दोबारा शुरू करने के लिए एक समझौते पर बातचीत चल रही थी। इस नई डील के तहत ईरान को जलडमरूमध्य में ट्रैफिक पर आंशिक नियंत्रण मिलने वाला था, जो युद्ध से पहले उसके पास नहीं था। लेकिन, मध्यस्थ देशों (कतर और पाकिस्तान) की उम्मीदों के उलट, ईरान ने हाल ही में नई शर्तें और मांगें सामने रख दी हैं।

ईरान ने अमेरिका के सामने कौन सी शर्तें रखीं?

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहम्मद बाकिर जोल्घाद्र ने बयान दिया है कि स्ट्रेट को तभी खोला जाएगा जब

  • अमेरिका कभी भी किसी भी भाषा में ईरान को धमकी या अपमानित न करे।
  • ईरान और उसके सहयोगियों (लेबनान, गाजा, यमन और इराक) के खिलाफ युद्ध हमेशा के लिए खत्म करे।
  • नौसेना की नाकेबंदी हटाए और सैन्य बलों को पीछे ले जाए।
  • युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवजा, सभी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को रिलीज की जाए।

क्या ईरान में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की सरकार के अंदर भी रणनीति को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। एक धड़ा आर्थिक संकट को लेकर ज्यादा चिंतित बताया जा रहा है और अमेरिका के साथ किसी समझौते की जरूरत मानता है। वहीं दूसरा धड़ा किसी तरह की बड़ी रियायत देने के खिलाफ है। अगर ये मतभेद बढ़ते हैं तो आने वाले दिनों में ईरान की बातचीत की रणनीति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

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