I-PAC केस में सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, अब क्या करेंगी ममता दीदी?

Published : Jan 10, 2026, 05:11 PM IST

ED vs Mamata Banerjee I-PAC Case: पश्चिम बंगाल की राजनीति और केंद्रीय एजेंसियों के बीच टकराव सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट में I-PAC कोल स्कैम केस की सुनवाई टलने के बाद ED ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानिए अब क्या होगा 

PREV
15

I-PAC केस की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में क्यों नहीं हुई?

शुक्रवार को ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जांच में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन पहले सिंगल जज बेंच फिर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली डिविजन बेंच ने सुनवाई को 14 जनवरी के बाद तक टाल दिया। इसके बाद ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

25

ED ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीधे अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी सरकार और राज्य मशीनरी ने उसकी जांच में खुलकर बाधा डाली। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से पूरे घटनाक्रम की CBI जांच कराने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि अगर कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो भविष्य में कई राज्यों में केंद्रीय एजेंसियां खुलकर काम ही नहीं कर पाएंगी।

35

I-PAC छापेमारी में क्या हुआ? ED के गंभीर आरोप

ED ने अपनी याचिका में एक-एक करके घटनाक्रम बताया है। एजेंसी के मुताबिक, I-PAC से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान अधिकारियों को कानूनी रूप से सर्च और जब्ती करने से रोका गया, सीनियर राज्य अधिकारियों की मौजूदगी में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जबरन हटाए गए। ईडी ने इस पूरी स्थिति को एक तरह का 'शोडाउन' बताया है।

45

I-PAC का नाम इस केस में कैसे आया?

I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है, जो ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति तैयार करती रही है। ED का आरोप है कि कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपए हवाला चैनलों के जरिए आई-पैक तक पहुंचाए गए। यह रकम कथित तौर पर 2022 गोवा विधानसभा चुनाव में दी गई सेवाओं के बदले चुकाई गई।

55

ममता सरकार ने पहले ही क्यों डाली थी कैविएट?

पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही कैविएट दाखिल कर दी थी। कैविएट का मतलब कोर्ट कोई आदेश राज्य सरकार को सुने बिना न दे। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि ED को कोई अंतरिम राहत न मिल जाए। इधर, तृणमूल कांग्रेस और आई-पैक ने हाईकोर्ट में काउंटर याचिकाएं दाखिल कीं, ED के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना है जब्त किए गए कागजात सिर्फ चुनावी रणनीति और कैंपेन प्लानिंग से जुड़े थे, जिनका PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने ईडी पर आरोप लगाया कि वह जांच के बहाने गोपनीय राजनीतिक दस्तावेज हासिल करना चाहती है। I-PAC चीफ प्रतीक जैन के परिवार ने छापेमारी के दौरान जरूरी दस्तावेज चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। ईडी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हर कार्रवाई कानून और तय प्रक्रिया के तहत की गई।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories