फ्रांस में क्यों बिगड़े हालात? पेरिस से मार्सेई तक हिंसा, क्या देश में लगेगी इमरजेंसी?

Published : Oct 19, 2026, 10:00 PM IST
france violent protest reason

सार

France Violent Protest: फ्रांस में हिंसक दंगों के बाद स्थानीय कर्फ्यू की तैयारी है। 2,400 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं, जबकि राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकरा दिया।

फ्रांस में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने स्थानीय प्रशासन से हिंसा रोकने के लिए कुछ इलाकों में सीमित कर्फ्यू लगाने को कहा है। वहीं, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की समीक्षा के आदेश दिए हैं और गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा ठुकरा दिया है। बता दें कि शहरों में कॉस्ट ऑफ लिविंग और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद कई शहरों में हिंसा, आगजनी और लूटपाट हुई। हालात को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

फ्रांस में कर्फ्यू की तैयारी, इमरजेंसी का ऑप्शन भी खुला

  • समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सीनियर अफसरों के साथ आपात बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन को कुछ शहरों में सीमित और स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए।
  • उन्होंने कहा कि शनिवार को भारी हिंसा और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने के बावजूद किसी की जान नहीं गई। प्रधानमंत्री ने पुलिसकर्मियों के काम का बचाव करते हुए कहा कि वे कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • उन्होंने बताया कि हिंसा से प्रभावित व्यवसायों के लिए मंगलवार से अस्थायी राहत और फर्लो जैसे उपाय उपलब्ध होंगे।
  • सरकार की मंगलवार को होने वाले पेरिस सेंट-जर्मेन और बार्सिलोना के फुटबॉल मैच को रद्द करने की योजना नहीं है।
  • हालांकि, लेकोर्नू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आपातकाल भी लागू किया जा सकता है।

मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया

  • हिंसा के बाद गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
  • राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मौजूदा हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्री का पद पर बने रहना जरूरी है।
  • मैक्रों ने नुनेज़ को सुरक्षा योजना और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई कमियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
  • उन्होंने भविष्य में हिंसा रोकने के लिए जमीनी स्तर पर पुलिस की नई रणनीति जल्द लागू करने की भी बात कही।

गृह मंत्री ने मानी सुरक्षा व्यवस्था में चूक

  • लॉरेंट नुनेज़ ने स्वीकार किया कि प्रशासन हिंसा का पहले से सही अनुमान लगाने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि तेजी से एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले हिंसक समूहों से निपटने के लिए पुलिस की रणनीति बदलनी होगी।
  • सोमवार को फ्रांस इंटर रेडियो से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया था, क्योंकि जो कुछ हुआ, उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। उन्होंने माना कि शनिवार को कुछ बड़े शहरों में पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ गया था और अब ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना जरूरी है।

पेरिस, मार्सिले और ल्योन में आगजनी और लूटपाट

  • हिंसा का सबसे ज्यादा असर पेरिस, मार्सिले, ल्योन और लिमोज समेत कई शहरों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाया।
  • पेरिस में कूड़ेदानों और साइकिलों में आग लगाई गई तथा करीब 30 दुकानों को निशाना बनाया गया।
  • लिमोज में 19वीं सदी के सिटी हॉल में आग लगने से उसकी छत ढह गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा।
  • मार्सिले में प्रदर्शनकारी सिटी हॉल की लॉबी में घुस गए और एक पुलिस स्टेशन को नुकसान पहुंचाया।
  • ल्योन में एक पर्यटन कार्यालय के अंदर भी आग लग गई।

2,400 से ज्यादा गिरफ्तार, कारोबार को भारी नुकसान

  • AP के मुताबिक, पूरे फ्रांस में 2,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। न्याय मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने बताया कि 2,330 से ज्यादा लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत वयस्क थे।
  • चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एलेन डि क्रेसेन्ज़ो के अनुसार, देशभर में 2,000 से अधिक दुकानें प्रभावित हुई हैं और नुकसान करोड़ों यूरो तक पहुंचने का अनुमान है।
  • हिंसा में सुरक्षा बलों के लगभग 1,000 जवान घायल हुए। पूर्वी फ्रांस में 17 साल की एक लड़की की एक आंख चली गई, जबकि सेंट शहर में एक अन्य युवा प्रदर्शनकारी का एक हाथ चला गया।

यूरोपीय देशों ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

हिंसा के बाद कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है। इसमें फ्रांस में विरोध-प्रदर्शनों और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फ्रांस सरकार अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, पुलिस की नई रणनीति और प्रभावित कारोबारियों को राहत देने के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

CJP Protest: अभी जेल में ही रहेंगे रांका-दास
सौरव दास-अशुतोष रांका की Judicial Custody 2 दिन बढ़ी, वकीलों ने क्यों उठाया सवाल?