
Gati Shakti Vishwavidyalaya: क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी अनोखी सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी है जो खास तौर पर रेलवे और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर की पढ़ाई कराती है? बहुत से लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं है। गुजरात के वडोदरा में स्थित 'गति शक्ति विश्वविद्यालय' (GSV) रेल मंत्रालय के तहत आने वाली देश की इकलौती ऐसी संस्था है, जहां युवाओं को रेलवे, एविएशन और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में करियर बनाने के लिए तैयार किया जाता है। पहले इस संस्थान को 'नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट' (NRTI) के नाम से जाना जाता था। साल 2022 में संसद में कानून पास करके इसे गति शक्ति विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया गया।
गति शक्ति विश्वविद्यालय गुजरात के वडोदरा में लालबाग इलाके में स्थित है। इस यूनिवर्सिटी को बनाने का मुख्य मकसद देश में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एजुकेशन और रिसर्च को बढ़ावा देना है। यहां सिर्फ रेलवे की ही नहीं, बल्कि एविएशन (हवाई क्षेत्र), पोर्ट्स (बंदरगाह), शिपिंग, हाईवे और लॉजिस्टिक्स जैसे विशाल क्षेत्रों को कवर करने वाली पढ़ाई कराई जाती है।
यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) लेवल के कई बेहतरीन प्रोग्राम उपलब्ध हैं। अगर 2026-27 एकेडमिक सेशन की बात करें, तो यहां बी.टेक (B.Tech) के ऐसे स्पेशल कोर्स ऑफर किए जा रहे हैं जो सामान्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में देखने को नहीं मिलते:
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी AI & Data Science में भी B.Tech कराती है, जिसमें स्टूडेंट्स को ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और एविएशन इंजीनियरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों में स्पेशलाइजेशन करने का मौका मिलता है।
रेल इंजीनियरिंग वाले B.Tech प्रोग्राम सिर्फ सामान्य इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं हैं। उदाहरण के लिए सिविल इंजीनियरिंग के रेल स्पेशलाइजेशन में रेलवे ट्रैक सिस्टम, हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे ट्रैक के जियोमेट्रिक डिजाइन जैसे विषय शामिल हैं। इसी तरह मैकेनिकल इंजीनियरिंग के रेल स्पेशलाइजेशन में रेल प्रोपल्शन सिस्टम, हाई-स्पीड रेल सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, रेलवे ट्रैक्शन और सिग्नलिंग सिस्टम जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में रेलवे ट्रैक्शन, हाई-स्पीड रेल सिस्टम और रेलवे कोचिंग स्टॉक के इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे विषय शामिल हैं।
अगर आप यहां से बी.टेक करने का मन बना रहे हैं, तो 2026-27 सेशन के एडमिशन के लिए कैंडिडेट को JEE Main 2026 की परीक्षा में बैठना होगा। जेईई मेन के स्कोर के आधार पर ही योग्य छात्रों को JoSAA और CSAB काउंसलिंग के जरिए सीटें अलॉट की जाती हैं। बी.टेक के अलावा जो दूसरे अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट कोर्स हैं, उनकी एडमिशन प्रक्रिया थोड़ी अलग है। उसके लिए कैंडिडेट्स को यूनिवर्सिटी के आधिकारिक एडमिशन नोटिफिकेशन को देखना होगा।
यूनिवर्सिटी के 2026-27 फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक, बी.टेक के नॉन-हॉस्टलर छात्रों (डे स्कॉलर्स) के लिए पहले साल की फीस ₹1,76,600 रखी गई है। वहीं, जो छात्र हॉस्टल और मेस की सुविधा लेना चाहते हैं, उन्हें पहले साल कुल ₹2,66,200 का भुगतान करना होगा। GSV अपने मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक मदद भी देती है। परिवार की सालाना कमाई और छात्र की मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप और फाइनेंशियल ऐड दी जाती है।
यूनिवर्सिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फीस में भविष्य में सक्षम प्राधिकारी की ओर से बदलाव किया जा सकता है।
इसे आम बोलचाल में लोग 'रेलवे यूनिवर्सिटी' कह देते हैं, क्योंकि इसके लगभग हर प्रमुख बी.टेक प्रोग्राम में रेल इंजीनियरिंग का स्पेशल कंपोनेंट जुड़ा हुआ है। हालांकि, कागजों में और हकीकत में यह पूरे देश के ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली पढ़ाई कराने वाला देश का इकलौता केंद्र है।
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