पवन खेड़ा को झटका: हाईकोर्ट का अग्रिम जमानत से इनकार, रिंकी भुइयां केस में बुरे फंसे कांग्रेसी नेता

Published : Apr 24, 2026, 11:41 AM IST
guwahati high court pawan khera anticipatory bail denied assam cm wife rinki bhuiyan defamation fir supreme court

सार

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जो असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां से जुड़े मानहानि FIR मामले से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। अब सरेंडर और नियमित जमानत की संभावना बढ़ी।

Gauhati High Court Pawan Khera Case: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनके लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां से जुड़े कथित मानहानि आरोपों पर आधारित है। अदालत के इस फैसले के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि पवन खेड़ा को या तो सरेंडर करना पड़ सकता है या फिर नियमित जमानत की प्रक्रिया अपनानी होगी।

आरोपों की जड़: विदेशी पासपोर्ट और संपत्ति का विवाद

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि रिंकी भुइयां के पास विभिन्न देशों जैसे UAE, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास विदेश में संपत्तियां हैं। इन दावों को लेकर असम में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और मामला अदालत तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट की भूमिका और कानूनी मोड़

इस केस में पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले इस आदेश पर रोक लगाई और बाद में इस रोक को हटाने से भी इनकार कर दिया। साथ ही खेड़ा की अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने की याचिका भी खारिज कर दी गई, जिससे उनका कानूनी रास्ता और संकुचित हो गया।

चुनावी माहौल में गरमाया राजनीतिक विवाद

यह पूरा मामला असम विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया, जिससे इसका राजनीतिक असर और बढ़ गया। रिंकी भुइयां और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें “मनगढ़ंत” और “AI-जनित झूठ” बताया। उन्होंने दावा किया कि इन आरोपों का उद्देश्य जनता को गुमराह करना और राजनीतिक नुकसान पहुंचाना है।

मानहानि केस और जवाबी कार्रवाई

आरोपों के बाद रिंकी भुइयां ने पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और सिविल मानहानि दोनों मामले दर्ज कराए। यह कदम इस विवाद को और कानूनी रूप से गंभीर बनाता है। अब मामला केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अदालत में साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर आगे बढ़ रहा है।

आगे क्या होगा: सरेंडर या नई कानूनी लड़ाई?

गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पवन खेड़ा आगे क्या कदम उठाएंगे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें या तो सरेंडर करना पड़ सकता है या फिर नियमित जमानत के लिए नई याचिका दाखिल करनी होगी। इस बीच यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

UP Board Result: Sitapur की Shikha Verma ने 12वीं में किया Top, जानें कितना नंबर आया...
BHOPAL: IPS से चले थे पंगा लेने, निकल गई BJP MLA Pritam Lodhi की सारी हेकड़ी-WATCH