Viral Expense: NCR में रहना इतना महंगा? IIT स्कॉलर के खर्चे के हिसाब पर इंटरनेट पर छिड़ी जंग

Published : May 28, 2026, 05:00 PM IST
Viral Expense: NCR में रहना इतना महंगा? IIT स्कॉलर के खर्चे के हिसाब पर इंटरनेट पर छिड़ी जंग

सार

IIT स्कॉलर की वायरल पोस्ट में NCR में रहने का अनुमानित मासिक खर्च कितना बताया गया? पोस्ट में किन-किन खर्चों को शामिल करके लाइफस्टाइल कॉस्ट का हिसाब लगाया गया था? सोशल मीडिया पर लोगों की इस वायरल दावे को लेकर क्या अलग-अलग राय रही?

IIT के एक स्कॉलर की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रहने के लिए अब हर महीने 85,000 से 95,000 रुपये का खर्चा आता है। NCR में एक ठीक-ठाक लाइफस्टाइल के लिए महीने के खर्चों का हिसाब बताने वाली यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं - कुछ को ये आंकड़े बिल्कुल सही लग रहे हैं, तो कुछ इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया मान रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कॉलर ने अपनी पोस्ट में किराए, ग्रोसरी, आने-जाने का खर्च, बाहर खाना, बिल और लाइफस्टाइल से जुड़े दूसरे खर्चों का पूरा ब्यौरा दिया था। उसका तर्क था कि NCR में शहरी जीवन "बहुत ज़्यादा महंगा" हो गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि इस इलाके में तेजी से बढ़ती लागत के कारण अब लाखों में कमाने वाले लोग भी एक अच्छी लाइफस्टाइल मेंटेन करने के लिए संघर्ष कर सकते हैं।

इस बयान के बाद ऑनलाइन लोगों ने तुरंत अपनी राय देनी शुरू कर दी। कुछ यूजर्स ने इस अनुमान से सहमति जताते हुए गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली जैसे शहरों में आसमान छूते किराए, बढ़ती महंगाई और महंगे सफर का हवाला दिया। वहीं, दूसरी ओर कई लोगों ने इस हिसाब को ज़रूरत से ज़्यादा और औसत नौकरीपेशा लोगों की हकीकत से कोसों दूर बताया।

एक यूजर ने कमेंट किया, "अगर आप एक अच्छी लाइफस्टाइल और ठीक-ठाक सफर चाहते हैं तो NCR में रहने का खर्च पागलपन की हद तक ज़्यादा है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, “ज़्यादातर मिडिल-क्लास परिवार तो हर महीने इससे बहुत कम में गुज़ारा करते हैं।”

यह वायरल चर्चा जल्द ही लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ती महंगाई, शहरी ख्वाहिशों और मेट्रो शहरों में युवा प्रोफेशनल्स पर पड़ने वाले वित्तीय दबाव की एक बड़ी बातचीत में बदल गई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्क दिया कि मॉडर्न शहरी लाइफस्टाइल - जिसमें महंगे किराए के घर, फूड डिलीवरी ऐप्स, कैब और मनोरंजन पर होने वाले खर्च शामिल हैं - ने पिछले कुछ सालों की तुलना में महीने का खर्च काफी बढ़ा दिया है। वहीं, कई यूजर्स ने यह भी बताया कि रहने का खर्च काफी हद तक लाइफस्टाइल, लोकेशन और परिवार के आकार पर निर्भर करता है। कुछ ने कहा कि शेयर्ड घरों में रहकर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके और फालतू खर्चों पर लगाम लगाकर NCR में बहुत कम बजट में भी आराम से रहा जा सकता है।

इस बहस ने भारत के बड़े शहरी सेंटर्स में घरों की बढ़ती कीमतों और सैलरी से उम्मीदों को लेकर बढ़ती चिंताओं को भी उजागर किया है। NCR के टेक और बिजनेस हब में बढ़ता किराया अक्सर ऑनलाइन चर्चा का विषय रहता है, खासकर उन छात्रों और कामकाजी लोगों के बीच जो पढ़ाई और नौकरी के लिए यहां आते हैं। जैसे-जैसे यह पोस्ट वायरल हो रही है, इसने भारत के तेजी से बढ़ते महानगरीय क्षेत्रों में फाइनेंशियल प्लानिंग, महंगाई और आमदनी और शहरी खर्चों के बीच बढ़ते अंतर पर फिर से बातचीत शुरू कर दी है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

मथुरा में भयानक बवाल, भंडारे को लेकर 2 पक्षों में चली ताबड़तोड़ गोलियां, कई घायल
कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, क्या अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान?