
IMD September Rain Forecast 2026: सितंबर को अक्सर मानसून की विदाई का महीना माना जाता है। लेकिन इस बार महीने की शुरुआत ने मौसम की अलग ही तस्वीर दिखा दी है। एक तरफ भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। तो आखिर सवाल यह है कि जब पूरे सितंबर में बारिश कम रहने का अनुमान है, तो शुरुआत में आसमान इतना क्यों बरस रहा है?
भारत में सितंबर के दौरान औसतन 167.9 मिलीमीटर बारिश होती है। IMD के अनुमान के मुताबिक, सितंबर 2026 में देशभर में कुल बारिश सामान्य के करीब 91 प्रतिशत रह सकती है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले दो वर्षों में सितंबर की बारिश सामान्य से अधिक रही थी। 2023 में देशभर में सितंबर के दौरान 190 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा थी। 2024 में भी सितंबर की बारिश सामान्य से करीब 12 प्रतिशत अधिक रही।
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सितंबर की शुरुआत में तेज बारिश की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश तेज हुई है। इसका असर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच रहा है। यानी पूरे देश में मानसून एक समान मजबूत नहीं हुआ है, बल्कि एक सक्रिय मौसम प्रणाली कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश करा रही है।
IMD के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश सक्रिय रह सकती है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का असर बना रह सकता है।
पूरे देश की औसत बारिश किसी एक राज्य या जिले की पूरी तस्वीर नहीं बताती। महीने का कुल औसत सामान्य से कम हो सकता है, लेकिन किसी इलाके में दो-तीन दिनों में अत्यधिक बारिश हो जाए तो वहां बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
यही मौसम का बदलता पैटर्न है, बारिश के दिन कम हो सकते हैं, लेकिन कम समय में बहुत ज्यादा पानी गिर सकता है। इसलिए सितंबर 2026 में कुल बारिश कम रहने के अनुमान और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, दोनों बातें एक साथ सच हो सकती हैं। सितंबर मानसून की विदाई का महीना जरूर है, लेकिन जाते-जाते यह कई इलाकों में अपना सबसे तेज असर भी छोड़ सकता है।
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