Make in India की ताकत: भारत ने 80+ देशों को बेंचे ₹38,424 करोड़ के हथियार, ब्रम्होस की डिमांड बढ़ी

Published : Apr 02, 2026, 01:27 PM ISTUpdated : Apr 02, 2026, 01:55 PM IST

भारत का रक्षा निर्यात FY2026 में ₹38,424 करोड़ पहुंचा, 62% वृद्धि के साथ। DPSU और निजी क्षेत्र के सहयोग से भारत 80+ देशों को हथियार निर्यात और ब्रह्मोस जैसे सिस्टम की बढ़ती मांग-ग्लोबल डिफेंस मार्केट में मजबूत खिलाड़ी बनता जा रहा है।

PREV
18

India Defense Export 2026: भारत अब धीरे-धीरे दुनिया के बड़े हथियार निर्यातकों में अपनी जगह बना रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ तक पहुँच गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। सबसे खास बात यह है कि यह पिछले साल की तुलना में करीब 62% ज्यादा है। यानी साफ है कि भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि बेचने वाला भी बन रहा है।

28

क्या भारत सच में हथियार बाजार का नया खिलाड़ी बन गया है?

पहले भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में गिना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत अब 80 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है। इसमें मिसाइल सिस्टम, नौसेना के जहाज, एयरक्राफ्ट पार्ट्स और कई एडवांस टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इसका मतलब है कि दुनिया अब भारतीय हथियारों पर भरोसा करने लगी है।

38

₹38,424 करोड़ का आंकड़ा इतना खास क्यों है?

यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि भारत की ताकत का संकेत है। पिछले 5 साल में रक्षा निर्यात लगभग 3 गुना बढ़ गया है। इसका सीधा मतलब है कि यह कोई एक बार की बढ़त नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती हुई ग्रोथ है।

48

DPSU और Private Sector-कौन चला रहा है यह ग्रोथ इंजन?

भारत के रक्षा निर्यात में दो बड़े खिलाड़ी हैं:

  • सरकारी कंपनियां (DPSU)
  • निजी कंपनियां

DPSU ने इस साल ₹21,071 करोड़ का निर्यात किया, जो 151% की जबरदस्त वृद्धि है। वहीं निजी क्षेत्र ने ₹17,353 करोड़ का योगदान दिया। सरकारी कंपनियां बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं, जबकि निजी कंपनियां नई तकनीक और तेजी लाती हैं। दोनों मिलकर भारत को मजबूत बना रहे हैं।

58

‘Make in India’ का असली असर अब दिख रहा है?

सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Make in India’ योजना का असर अब साफ दिख रहा है। लाइसेंस प्रक्रिया आसान हुई है, ऑनलाइन सिस्टम शुरू हुआ है और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई नियम सरल किए गए हैं। इसी वजह से ज्यादा कंपनियां अब रक्षा उत्पादन में आ रही हैं।

68

ब्रह्मोस जैसे हथियार क्यों बदल रहे हैं भारत की छवि?

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल और अन्य आधुनिक सिस्टम अब दुनिया में काफी मांग में हैं। कई देश अब महंगे पश्चिमी हथियारों की बजाय भारत के सस्ते और भरोसेमंद विकल्प चुन रहे हैं। यही वजह है कि भारत का ग्लोबल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है।

78

 क्या इससे भारत की ताकत और बढ़ेगी?

बिल्कुल। रक्षा निर्यात बढ़ने का मतलब है:

  • भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
  • विदेशों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे।
  • सेना को बेहतर तकनीक मिलेगी।

साथ ही, इससे भारत की रणनीतिक ताकत भी बढ़ती है क्योंकि जो देश भारत से हथियार खरीदते हैं, वे लंबे समय तक उसके साथ जुड़े रहते हैं।

88

क्या भारत अब दुनिया के लिए हथियार बना रहा है?

आज की स्थिति देखकर कहा जा सकता है कि भारत अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए रक्षा उपकरण बना रहा है। ₹38,424 करोड़ का यह आंकड़ा एक नई शुरुआत है—और आने वाले वर्षों में यह और तेजी से बढ़ सकता है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories