
नई दिल्ली: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश को महंगे और प्रदूषण फैलाने वाले कच्चे तेल के आयात से मुक्ति दिलाने के लिए मोदी सरकार ने 'फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी' की तरफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठा दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया है कि मारुति सुजुकी, टाटा, महिंद्रा और टोयोटा समेत देश की 12 बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां बहुत जल्द 100% इथेनॉल (E100) से चलने वाले वाहनों को बड़े पैमाने पर बाजार में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही गडकरी ने साफ शब्दों में कहा, "अब हमको पेट्रोल का चेहरा ही नहीं देखना है।"
भारत हर साल करोड़ों डॉलर का कच्चा तेल आयात करता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ता है और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन न केवल विदेशी मुद्रा बचाएगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला इथेनॉल अब सिर्फ मिश्रित ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी तरह वाहन चलाने का माध्यम बन सकता है।
नितिन गडकरी ने इस नए विजन को देश के सामने रखते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत पेट्रोल-डीजल और गैस दूसरे देशों से आयात करता है। इससे न केवल देश का लाखों-करोड़ रुपया बाहर जाता है, बल्कि हमारे शहरों में प्रदूषण का ग्राफ भी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। गडकरी ने कहा, "हमने अपने किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता और अब 'ईंधनदाता' बना दिया है।" गन्ने, मक्के और चावल के भूसे (बायोमास) से बनने वाला इथेनॉल अब सीधे गाड़ियों के इंजन को रफ्तार देगा, जिससे देश का पैसा देश के किसानों की जेब में जाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक अभूतपूर्व उछाल आएगा।
इस महा-अभियान की धमाकेदार शुरुआत भी हो चुकी है। हाल ही में राजधानी दिल्ली में आयोजित 'इंडिया गोज़ फ्लेक्स' इवेंट के दौरान मारुति सुजुकी ने देश की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार, WagonR Flex-Fuel को खुद नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में अनवील किया। यह कार E20 से लेकर शुद्ध 100% इथेनॉल (E100) पर आसानी से दौड़ सकती है। सिर्फ कारें ही नहीं, दोपहिया वाहनों की दुनिया में भी क्रांति आ चुकी है। हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी सबसे लोकप्रिय बाइक्स Splendor+ और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट्स से पर्दा उठा दिया है, जो इसी साल जुलाई से दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनिंदा इलाकों में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
कच्चे तेल पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि ईंधन का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर (Ecosystem) बदलने जा रही है। सरकार के इस कदम से सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात को लेकर है कि क्या पारंपरिक पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकार देश के प्रमुख शहरों में 100% इथेनॉल के विशेष फ्यूल स्टेशन स्थापित कर रही है। देश में इथेनॉल स्टेशनों की संख्या को जल्द ही 500 और आने वाले सालों में बढ़ाकर 5,000 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। ह्यूंदै ने भी अपनी सबसे लोकप्रिय एसयूवी 'क्रेटा' का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश कर दिया है, जो आने वाले समय में सड़कों पर राज करने को तैयार है।
गडकरी के इस आक्रामक रुख और ऑटोमोबाइल कंपनियों की तैयारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब तेल के लिए खाड़ी देशों (Middle East) और वैश्विक तनावों पर निर्भर नहीं रहेगा। यदि देश में बिकने वाले नए दोपहिया और चार पहिया वाहनों में से 50% भी फ्लेक्स-फ्यूल पर शिफ्ट हो जाते हैं, तो इससे भारत को ₹1.44 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की सीधी बचत होगी। इसके अलावा, इथेनॉल के जलने पर कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश को प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी। गडकरी ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत ऊर्जा आयात करने वाले देश से बदलकर दुनिया का सबसे बड़ा 'ऊर्जा निर्यातक' देश बन जाएगा।
गडकरी लंबे समय से वैकल्पिक ईंधनों के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। 100% इथेनॉल वाहनों की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 12 कंपनियों के वाहनों के लॉन्च की घोषणा ने उत्साह तो बढ़ा दिया है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब ये वाहन आम सड़कों पर उतरेंगे।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।