
India Inflation Shock: मई 2026 का आधा महीना भी पूरा नहीं हुआ और आम आदमी की जेब पर महंगाई का दबाव साफ दिखाई देने लगा है। रसोई से लेकर सड़क तक, हर जगह खर्च बढ़ता नजर आ रहा है। गैस सिलेंडर, दूध, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल, लगभग हर जरूरी चीज के दाम में बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग और रोजमर्रा की जिंदगी चलाने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी का असर अब सीधे भारतीय बाजार पर दिखने लगा है। तेल सप्लाई को लेकर बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास पैदा हुई स्थिति ने भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए नई आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है।
1 मई को ही सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये तक का इजाफा हुआ। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये पहुंच गई। वहीं मुंबई समेत कई शहरों में इसके दाम 3000 रुपये के आसपास पहुंच गए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि घरेलू इस्तेमाल वाले सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर इस बढ़ोतरी का असर साफ दिखाई देने लगा है।
यह भी पढ़ें: गुजरात के इस गायक पर डेढ़ घंटे तक बरसते रहे नोट, वीडियो देख लोग रह गए हैरान- WATCH
बढ़ते वैश्विक आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने गोल्ड और सिल्वर सहित कई कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। पहले जहां इन धातुओं पर करीब 6 प्रतिशत टैक्स लगता था, अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है कि अगले एक साल तक अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचें। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। सरकार का मानना है कि इससे गोल्ड इंपोर्ट कम होगा और चालू खाते के घाटे यानी CAD पर दबाव घटेगा।
13 मई 2026 को देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया। पहले Amul ने दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके कुछ घंटे बाद Mother Dairy ने भी अलग-अलग श्रेणी के दूध पर 2 रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाने की बात कही। मदर डेयरी ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत करीब 6 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिसके कारण कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया। दूध के दाम बढ़ने का असर सीधे हर घर के मासिक बजट पर पड़ता है, क्योंकि यह रोजमर्रा की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है।
14 मई को मुंबई में सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ। इसके बाद वहां सीएनजी की कीमत बढ़कर 84 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इसके अगले दिन यानी 15 मई को दिल्ली में भी सीएनजी के दाम बढ़ा दिए गए। राजधानी में अब सीएनजी 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी महंगी होने के बाद ऑटो, टैक्सी और छोटे कमर्शियल वाहनों का किराया बढ़ सकता है। इसका असर रोज सफर करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा।
मिडिल ईस्ट संकट का सबसे बड़ा असर अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दिखाई देने लगा है। होर्मुज क्षेत्र में बढ़े तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका असर भारत के ऑयल मार्केट पर भी पड़ रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती क्रूड कीमतों की वजह से उन्हें भारी आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। इसी बीच सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पहले से ही ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने लगी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसका असर सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे मुख्य वजहें हैं:
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक संकट का असर घरेलू बाजार पर तेजी से दिखाई देता है।
लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग, छोटे कारोबारियों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रसोई का बजट बिगड़ रहा है, यात्रा महंगी हो रही है और घरेलू खर्चों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह महंगाई आने वाले महीनों में और बढ़ेगी या सरकार राहत देने के लिए कोई बड़ा कदम उठाएगी। क्योंकि मई के सिर्फ 15 दिनों ने ही आम आदमी को यह एहसास करा दिया है कि वैश्विक संकट का असर अब सीधे उसकी जेब तक पहुंच चुका है।
यह भी पढ़ें: दुनिया में तेल संकट, लेकिन भारत क्यों नहीं हुआ बेहाल? समझिए मोदी सरकार की रणनीति
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।