
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेश में बसे भारतीय मूल के लोगों को दिए जाने वाले ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मकसद OCI रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना है, साथ ही सुरक्षा से जुड़े नियमों को और सख्त करना है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के जीवनसाथी (Spouse) भी OCI कार्ड के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इसके लिए शर्त यह है कि उनकी शादी रजिस्टर्ड हो और उसे कम से कम दो साल पूरे हो चुके हों। यह सुविधा तभी तक मिलेगी, जब तक उनकी शादी कायम है। सरकार का यह कदम पुराने PIO (पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन) कार्ड को OCI कार्ड में मिलाने की प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर पूरा करने का हिस्सा है।
OCI कार्ड होल्डर्स को भारत में रहने और काम करने के लिए आजीवन वीजा मिलता है, लेकिन कुछ खास गतिविधियों के लिए उन्हें सरकार से पहले इजाजत लेनी होगी। भारत में पर्वतारोहण, मिशनरी से जुड़े काम, रिसर्च या किसी प्रतिबंधित/संरक्षित इलाके में जाने के लिए केंद्र सरकार की विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
संशोधित कानून के तहत, सरकार को OCI रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए और ज्यादा अधिकार मिलेंगे। अगर कोई कार्ड होल्डर देश की संप्रभुता या सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, या उसने गलत जानकारी देकर कार्ड हासिल किया है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक, OCI कार्ड के लिए विदेश में भारतीय दूतावासों के जरिए या भारत में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) के जरिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है। माना जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया में लाई गई इस स्पष्टता से प्रवासी भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी।
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