Jitan Ram Manjhi mental Naxals: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पीएम मोदी की बात दोहराते हुए युवाओं को 'दिमागी नक्सलियों' से सतर्क रहने को कहा है. वहीं, किरेन रिजिजू ने साफ किया कि यह शब्द विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि माओवादियों का समर्थन करने और संविधान को न मानने वालों के लिए है.

Jitan Ram Manjhi statement: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को देश के युवाओं को 'दिमागी नक्सलियों' से सावधान रहने को कहा. उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कही।

मांझी ने कहा कि जहां एक तरफ हथियारबंद नक्सलवाद से निपटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक और तरह का उग्रवाद देश की एकता और विकास के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा, "हमारे युवाओं के लिए 'दिमागी नक्सलियों' से दूर रहना खास तौर पर जरूरी है। हथियारबंद नक्सलियों को तो दबाया जा रहा है, लेकिन कुछ दूसरे लोग हैं, जिन्हें विदेशी नेटवर्क से फायदा मिल रहा है, और वे भारत को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। ऐसी स्थिति में, जेन-जी और जेन-अल्फा के साथ-साथ हर भारतीय नागरिक को सतर्क रहना होगा।"

पीएम मोदी ने 'मानसिक नक्सलियों' पर क्या कहा था?

लाल किले से अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार ने जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करने और देश को इस खतरे से मुक्त कराने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा, "हालांकि, हथियारबंद नक्सली तो चले गए, लेकिन मानसिक नक्सली अभी भी मौजूद हैं, और ये मानसिक नक्सली मौके की तलाश में हैं। वे हिंसा और अराजकता फैलाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। वे समाज को गलत रास्ते पर ले जाने के लिए तरह-तरह की तरकीबें अपना रहे हैं। हमें इन मानसिक नक्सलियों की पहचान करनी होगी, उन्हें अलग-थलग करना होगा और देश के युवाओं को भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा के प्रयास की ओर ले जाना होगा।"

किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर साधा निशाना

रविवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पीएम मोदी की "माओवादी मानसिकता" वाली टिप्पणी की आलोचना करने पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को नक्सली मानसिकता वाला नहीं कहा था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में किरेन रिजिजू ने साफ किया कि "दिमागी नक्सली" सिर्फ उन लोगों को कहा गया है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को खारिज करते हैं, जो अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते थे, और जो पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने के लिए चिकन नेक कॉरिडोर को काटने की वकालत करते हैं। रिजिजू ने लिखा, "पीएम @narendramodi जी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सली नहीं कहा। केवल ये लोग दिमागी नक्सली हैं: 1. जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को खारिज करते हैं। 2. जो अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं। 4. जो भारत से पूर्वोत्तर को अलग करने के लिए चिकन नेक को काटना चाहते हैं।" (ANI)