हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में अब तक 256 लोगों की जान जा चुकी है। बारिश, लैंडस्लाइड और हादसों से राज्य को 1202 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल मॉनसून का कहर जारी है। सोमवार को जारी हुए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 256 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राज्य को 1,202 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के डेटा के अनुसार, 30 जून से 31 अगस्त के बीच राज्य को कुल 1,202.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान 455 लोग घायल हुए और तीन लोग अब भी लापता हैं।

हिमाचल में कैसे हुईं 256 मौतें…

  • कुल 256 मौतों में से 105 जानें मॉनसून से जुड़ी आपदाओं में गईं, जबकि 151 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई।
  • आपदाओं में हुई 105 मौतों की वजह भी अलग-अलग है। 33 लोगों की मौत पेड़ या चट्टानों से गिरने से हुई।
  • 18 लोग लैंडस्लाइड की चपेट में आ गए, 13 लोग डूब गए, 11 की मौत सांप के काटने से हुई और 10 लोगों को करंट लग गया।
  • प्राकृतिक आपदाओं में सबसे ज़्यादा 16-16 मौतें कांगड़ा और शिमला में हुईं।
  • सिरमौर और लाहौल-स्पीति में 14-14 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
  • शिमला और सिरमौर में सबसे ज़्यादा 19-19 मौतें हुईं।
  • चंबा और ऊना में 18-18 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई।
  • मॉनसून ने सरकारी और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

लैंडस्लाइड और हादसों में 1202 करोड़ तबाह

  • लोक निर्माण विभाग को सबसे ज़्यादा 91,476.67 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
  • वहीं, जल शक्ति विभाग को 25,861.24 लाख रुपये और बिजली विभाग को 530.61 लाख रुपये की चपत लगी।
  • निजी संपत्ति को करीब 901.55 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
  • बारिश के कारण 69 घर पूरी तरह तबाह हो गए और 302 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, राज्य भर में 391 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुईं।

हिमाचल में भी तबाही थमी नहीं

  • सोमवार शाम 5 बजे तक, मरम्मत के काम के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में हालात सामान्य नहीं हुए थे।हिमाचल प्रदेश में कुल 76 सड़कें अभी भी बंद हैं। सबसे ज़्यादा 32 सड़कें मंडी में और 16 सड़कें कुल्लू में बंद हैं। हालांकि, रिपोर्ट आने तक कोई भी नेशनल हाईवे बंद नहीं था।
  • बिजली सप्लाई काफी हद तक बहाल कर दी गई है, लेकिन मंडी जिले के गोहर सब-डिवीजन में 5 डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTRs) अभी भी बंद हैं।
  • पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। राज्य में 72 वॉटर सप्लाई स्कीमें (WSS) ठप पड़ी हैं। सबसे ज़्यादा 37 स्कीमें हमीरपुर में और 24 सिरमौर में प्रभावित हैं।