Indian Railways: अब ट्रेन हादसों पर लगेगी लगाम! रेलवे ने शुरू किया Kavach 4.0, जानें क्या बदला

Bimla Kumari   | ANI
Published : Sep 23, 2026, 03:50 PM IST
South Central Railway Kavach

सार

South Central Railway Kavach: भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे में 'कवच 4.0' की शुरुआत कर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। यह अपग्रेडेड ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम अब 108 किलोमीटर के रूट पर एक्टिव है, जो ट्रेन सफर को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएगा।

Railway Safety System: ट्रेन हादसों को रोकने और सफर को सुरक्षित बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) में पहली बार 'कवच' (KAVACH) का नया वर्जन 4.0 सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है। हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरी-कामारेड्डी सेक्शन पर 108 किलोमीटर के रूट में इस अपग्रेडेड ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम को एक्टिव किया गया है। यह सिस्टम पुराने कवच वर्जन 3.2 का एडवांस रूप है।

सुरक्षा के लिए अपग्रेडेड सिस्टम

रेलवे के मुताबिक, दक्षिण मध्य रेलवे के 1,465 किलोमीटर रूट पर कवच 3.2 के इस्तेमाल से जो अनुभव मिला, उसी के आधार पर इस नए वर्जन में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। कवच 4.0 में सुरक्षा के बेहतर फीचर्स, ज्यादा विश्वसनीयता और एडवांस तकनीक शामिल है, ताकि ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित हो सके। रेलवे की योजना इस अपग्रेडेड सिस्टम को पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर लागू करने की है।

भारतीय रेलवे ने 'कवच' को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। यह एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) को तय स्पीड लिमिट बनाए रखने में मदद करता है। अगर कोई इमरजेंसी आती है, तो यह सिस्टम खुद-ब-खुद ब्रेक लगा देता है। इसका मुख्य काम खतरे के समय सिग्नल पार करने (SPAD) से रोकना, इमरजेंसी में ट्रेन की स्पीड कंट्रोल करना और दो ट्रेनों की टक्कर के खतरे को कम करना है। इसके अलावा, खराब मौसम में भी यह सिस्टम ट्रेन को सुरक्षित चलाने में काफी मदद करता है।

वर्जन 4.0 में क्या नया है?

कवच 4.0 में कई अहम सुधार किए गए हैं। इसमें ट्रेन की सटीक लोकेशन पता करने के लिए एक्यूरेसी बढ़ाई गई है। बड़े यार्ड में सिग्नल की जानकारी अब ज्यादा बेहतर तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) के जरिए एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच संचार को मजबूत किया गया है और इसे मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ सीधे जोड़ दिया गया है।

लागू करने की प्रक्रिया और सेफ्टी सर्टिफिकेट

रेलवे संचालन में इसकी अहमियत को देखते हुए, इस अपग्रेडेड सिस्टम को सबसे ऊंचे दर्जे का सेफ्टी सर्टिफिकेट (Safety Integrity Level-4 या SIL-4) दिया गया है। कवच को लागू करने में कई चीजें शामिल होती हैं। इसमें स्टेशनों और ब्लॉक सेक्शन पर स्टेशन कवच लगाना, पटरियों के किनारे RFID टैग लगाना, टेलीकॉम टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाना और ट्रेनों के इंजन में लोको कवच उपकरण लगाना शामिल है।

दक्षिण मध्य रेलवे में कवच 4.0 के शुरू होने से स्वदेशी रेलवे सुरक्षा तकनीक को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में इस एडवांस ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के विस्तार का रास्ता भी साफ होगा।

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