INS Kolkata vs PNS Hunain: दोनों युद्धपोतों की ताकत और क्षमता में कितना बड़ा अंतर? जानें पूरी डिटेल

Published : Sep 17, 2026, 12:52 PM IST

अरब सागर में पाकिस्तान का गश्ती पोत PNS हुनैंन भारतीय नौसेना के INS कोलकाता से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया। जानिए भारतीय ब्रह्मोस-सज्जित डिस्ट्रॉयर की महाशक्ति और PNS Hunain की भूमिका, आकार, हथियार और ऑपरेशनल क्षमता में कितना अंतर है।

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दोनों युद्धपोतों की क्षमता में कितना अंतर?

Pak Ship Collides India: मंगलवार को अरब सागर में जब पाकिस्तानी नौसेना के जहाज़ PNS हुनैंन की भिड़ंत भारतीय युद्धपोत INS कोलकाता से हुई, तो यह सीधा-सीधा ताकत और आकार का एक बड़ा मुकाबला था। एक तरफ 2,600 टन का मामूली गश्ती जहाज़ था, तो दूसरी तरफ भारत का 7,400 टन वजनी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर। नतीजतन पाकिस्तानी जहाज़ के अगले हिस्से में बड़ा डेंट पड़ा और उसे अपनी जान बचाकर वापस बंदरगाह लौटना पड़ा, जबकि भारतीय युद्धपोत बिना किसी नुकसान के अपना मिशन पूरा करता रहा।

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आकार और ताकत में जमीन-आसमान का अंतर

इस घटना के बाद दोनों जहाजों की भूमिका और क्षमता को लेकर चर्चा तेज है। रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, PNS हुनैंन केवल एक ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) है, जिसे हल्के गश्ती अभियानों और सीमित निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है। 98 मीटर लंबा यह जहाज़ 25 नॉट की रफ्तार से चल सकता है। वहीं दूसरी ओर, INS कोलकाता 164 मीटर लंबा एक विशाल और एडवांस स्टेल्थ डिस्ट्रॉयर है। इसका वजन PNS हुनैंन से लगभग तीन गुना ज़्यादा है। अगर टक्कर थोड़ी और गंभीर होती, तो पाकिस्तानी जहाज़ समंदर में ही डूब सकता था। वह एक फ्रंटलाइन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर श्रेणी का युद्धपोत है।

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ब्रह्मोस और रडार से लैस है भारत का 'मॉन्स्टर' युद्धपोत

हथियारों और सुरक्षा के मामले में INS कोलकाता का कोई मुकाबला नहीं है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलें, बराक-8 लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस मिसाइलें, टॉरपीडो, और 360-डिग्री रडार सिस्टम लगे हैं। यह समुद्र, हवा और पानी के नीचे से होने वाले हर हमले का करारा जवाब देने में सक्षम है। इसकी मजबूती का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 'ताउते' जैसे विनाशकारी समुद्री चक्रवातों और भयानक तूफानों के बीच भी बचाव अभियान चला चुका है।

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INS Kolkata Class Destroyer की खासियत

Kolkata-class destroyer भारत के प्रमुख सतही युद्धपोतों में शामिल है। इसमें लंबी दूरी की मिसाइलें, एयर-डिफेंस सिस्टम, रडार, नेवल गन और पनडुब्बी रोधी हथियार जैसे कई सिस्टम लगाए गए हैं। इसका डिजाइन एक साथ कई तरह के खतरों से निपटने के लिए किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, टक्कर के समय भारतीय पोत नियमित निगरानी मिशन पर था और टकराव के बाद भी उसका ऑपरेशन जारी रहा। भारत ने पाकिस्तान के राजनयिक प्रतिनिधि को तलब कर घटना पर औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया।

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PNS Hunain को क्यों लौटना पड़ा?

भारतीय सूत्रों के अनुसार PNS हुनैन को टक्कर के बाद नुकसान पहुंचा और वह बंदरगाह लौट गया। हालांकि नुकसान की पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पाकिस्तान ने भी घटना को अलग तरीके से पेश किया है और भारत पर अपने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में कार्रवाई का आरोप लगाया है। दोनों देशों ने इस मामले में एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया है। इसलिए इस घटना को केवल दो जहाजों की टक्कर के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। असल सवाल समुद्र में सुरक्षा, दूरी बनाए रखने और दोनों देशों के बीच तय नौसैनिक प्रोटोकॉल का भी है।

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