Public Servant: सरकारी दफ़्तर का 'मुश्किल आसान', कौन हैं ये प्रसेनजीत चक्रवर्ती जो साथियों के लिए हैं फरिश्ता?

Published : Mar 13, 2026, 01:41 PM IST
Prasenjit Chakraborty

सार

समाज कल्याण विभाग के प्रसेनजीत चक्रवर्ती को उनके सहकर्मी 'मुश्किल आसान' कहते हैं। वे पेंशन, सैलरी और अन्य कागजी कामों में सबकी मदद करते हैं। हाल ही में बीमार पड़ने के बाद वे फिर से काम पर लौट आए हैं और पहले की तरह ही सहकर्मियों की सहायता कर रहे हैं।

पश्चिम बंगालः सरकारी दफ़्तर का नाम सुनते ही अक्सर दिमाग में फाइलों का ढेर, जटिल नियम-कानून और उलझी हुई प्रक्रियाएं घूमने लगती हैं। लेकिन इसी माहौल के बीच अगर कोई ऐसा इंसान मिल जाए, जो हर किसी की समस्या सुलझाने के लिए हमेशा तैयार रहे, तो काम का सफ़र काफी आसान हो जाता है। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रसेनजीत चक्रवर्ती एक ऐसा ही भरोसे का नाम हैं। डायरेक्टोरेट ऑफ़ ICDS (शैशली भवन) के हेडक्वार्टर में एक अहम पद पर काम करने वाले प्रसेनजीत को उनके साथी 'मुश्किल आसान' बुलाते हैं।

किसी की पेंशन अटकी हो या किसी को सैलरी के लिए ज़रूरी कागज़ जमा करने हों, प्रसेनजीत हर मुश्किल में सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं। कब, कौन-सा फॉर्म जमा करना है, कैसे करना है, और किन नियमों का पालन करना है, ये सारी जानकारी वह समय पर अपने सहकर्मियों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी खुद उठाते हैं। जो कर्मचारी दूर-दराज़ के इलाकों में पोस्टेड हैं, उनका भी वह खास ख्याल रखते हैं। वह कोशिश करते हैं कि उन्हें बार-बार हेड ऑफिस आकर परेशान न होना पड़े।

फोन, मैसेज या किसी भी दूसरे तरीके से वह उनका काम आसान करने की पूरी कोशिश करते हैं। अगर ऑफिस के किसी कागज़ में कोई गलती हो, तो उसे कैसे ठीक करना है या समस्या का हल किस तरह निकलेगा, वह हर सवाल का जवाब बड़े धैर्य से देते हैं। कुछ समय पहले, काम के ज़्यादा दबाव और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से प्रसेनजीत चक्रवर्ती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उनके कान से खून बहने लगा था। जैसे ही यह खबर दफ़्तर में फैली, सभी कर्मचारी उनके लिए चिंतित हो गए।

लगभग हर दिन कोई न कोई उनका हालचाल लेने आता और उनके जल्दी ठीक होने की दुआ करता। कुछ दिन आराम करने के बाद, वह फिर से काम पर लौट आए हैं और पहले की तरह ही अपने साथियों की मदद में जुट गए हैं। उनके सहकर्मी अक्सर कहते हैं कि प्रसेनजीत जैसे समर्पित और मददगार इंसान ही सही मायने में एक सच्चे 'पब्लिक सर्वेंट' हैं। क्योंकि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं निभाते, बल्कि दिल से दूसरों का काम आसान करने की कोशिश करते हैं। दफ़्तर के कई कर्मचारियों की ज़ुबान पर एक ही बात रहती है, "अच्छा है कि प्रसेनजीत बाबू हैं, वरना इतनी मुश्किलें सुलझाना वाकई बहुत कठिन हो जाता।" उनकी यही ईमानदारी और मदद करने की भावना उन्हें सबसे अलग बनाती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

4 दिन पहले हुआ उद्घाटन… अब Delhi Metro की नई लाइन से 1000 मीटर केबल चोरी
SURAT: Induction की भयंकर डिमांड, पूरी नहीं कर पा रहे दुकानदार