Middle East Crisis: ‘आगे कुआं-पीछे खाई’, बुरी तरह फंसा पाकिस्तान 'भाई'

Published : Mar 05, 2026, 07:57 AM IST
israel iran war

सार

ईरान-सऊदी तनाव के बीच पाकिस्तान एक रक्षा समझौते से बंधा है। 2025 के इस समझौते के तहत उसे सऊदी अरब की मदद करनी पड़ सकती है। रक्षा मंत्री ने संकेत दिया है कि ज़रूरत पड़ने पर पाकिस्तान युद्ध में शामिल हो सकता है, जिससे पड़ोसी ईरान से टकराव का डर है।

इस्लामाबाद: मिडिल ईस्ट में ईरान और सऊदी अरब के बीच झगड़ा गहराता जा रहा है। अब सवाल ये है कि क्या इस लड़ाई में अमेरिका और इज़राइल के साथ-साथ पाकिस्तान भी कूदेगा? दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री इशाक़ डार ने संसद में एक ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद ये अटकलें तेज़ हो गई हैं। पाकिस्तान के लिए ये 'आगे कुआं, पीछे खाई' वाली स्थिति बन गई है। एक तरफ उसका दोस्त सऊदी अरब है, तो दूसरी तरफ पड़ोसी देश ईरान। अगर वो सऊदी का साथ देता है, तो ईरान से सीधा टकराव तय है। और अगर चुप रहता है, तो सऊदी से दोस्ती खतरे में पड़ सकती है।

क्या है पूरा मामला?

बात 2025 की है, जब सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु शक्ति वाले देश पाकिस्तान के साथ एक 'रणनीतिक आपसी रक्षा समझौता' (SMDA) किया था। इस समझौते के मुताबिक, अगर दोनों में से किसी भी देश पर हमला होता है, तो दूसरा देश उसकी मदद के लिए आगे आएगा। अब ईरान लगातार सऊदी अरब पर हमले कर रहा है। ऐसे में समझौते के हिसाब से पाकिस्तान को अपने दोस्त सऊदी को बचाने के लिए ईरान पर हमला करना पड़ सकता है। लेकिन इसमें एक बड़ी मुश्किल है। ईरान, पाकिस्तान का पड़ोसी देश है और हज़ारों किलोमीटर दूर बैठे सऊदी के लिए अगर पाकिस्तान ने ईरान पर हमला किया, तो ईरान पलटकर पाकिस्तान पर भी हमला कर सकता है। इसी का डर पाकिस्तान को सता रहा है।

इसी उलझन के बीच मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री इशाक़ डार ने संसद में मिडिल ईस्ट के संकट पर बात करते हुए कहा, 'हमने उनके (ईरान) ध्यान में यह बात ला दी है कि हमारा सऊदी अरब के साथ एक समझौता है।' माना जा रहा है कि यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर संकेत दिया है कि ज़रूरत पड़ने पर वह युद्ध में शामिल हो सकता है।

एक और बड़ी उलझन

लेकिन मामला इतना सीधा भी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु अप्रसार संधि के मुताबिक, कोई भी परमाणु हथियार वाला देश किसी दूसरे देश के लिए या उसकी तरफ से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसके अलावा, यह भी साफ नहीं है कि पाकिस्तान और सऊदी के समझौते में परमाणु मदद की बात शामिल है या नहीं। अगर ऐसा कुछ है, तो सऊदी की मदद करना पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन होगा।

ऐसे में अब सबकी नज़रें पाकिस्तान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वह ईरान को खुली चेतावनी देगा? क्या सऊदी पर हमले का जवाब ईरान पर हमले से देगा? या फिर सिर्फ़ चेतावनी देकर चुप बैठ जाएगा? इन सवालों ने मिडिल ईस्ट के तनाव को और बढ़ा दिया है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Iran War Update: क्या सच में US ने 20 से ज़्यादा ईरानी जहाज़ डुबो दिए? भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
Iraq Blackout: पावर ग्रिड फेल, पूरा देश अंधेरे में-बगदाद में US एम्बेसी पर सायरन बज रहे-क्यों?