
बहावलपुर: भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक ऑपरेशन सिंदूर के ठीक 15 महीने बाद सीमा पार से एक सनसनीखेज सच सामने आया है। भारतीय मिसाइल हमलों में खंडहर बन चुका जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का गढ़ 'मरकज़ सुभान अल्लाह' एक बार फिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से साफ पता चलता है कि तबाही के गहरे निशानों को नए संगमरमर, चमचमाते प्लास्टर और पेंट के नीचे बहुत ही चालाकी से छिपा दिया गया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद यह खौफनाक आतंकी अड्डा अब एक बार फिर से पूरी तरह चालू नजर आ रहा है।
हालिया एक्सक्लूसिव तस्वीरों और सैटेलाइट डेटा से खुलासा हुआ है कि भारतीय हमले में नष्ट हुए भव्य गुंबदों को फिर से गढ़ लिया गया है। परिसर के सेंट्रल हॉल में मिसाइल हमलों से जो गहरे गड्ढे बने थे, उन्हें नए सिरे से भरकर सीमेंट और संगमरमर से पाट दिया गया है। इस साल की शुरुआत में अप्रैल-मई के महीनों में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में यहां भारी मशीनरी, बुलडोजर और मलबे को हटाने के काम देखे गए थे। लेकिन अब जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे साबित करती हैं कि निर्माण कार्य केवल मरम्मत तक सीमित नहीं था; बल्कि पूरे परिसर को एक नया और अत्याधुनिक ढांचा दे दिया गया है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा वित्तीय तंत्र को लेकर हुआ है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान के प्रशासन ने इस प्रतिबंधित संगठन को दोबारा खड़ा करने के लिए सरकारी खजाने से नकद किस्तों में 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (PKR) मुहैया कराए। इस बजट में से लगभग 11 करोड़ PKR केवल मुख्य सेंट्रल हॉल को भव्यता देने में खर्च किए गए। मुख्य परिसर के पास बने मदरसा अल-साबिर और कमांडरों के रिहायशी क्वार्टर जो ध्वस्त हो गए थे, उन्हें पूरी तरह समतल करके नए निर्माण किए जा रहे हैं।
#BREAKING: Interior visuals of the rebuilt Jaish-e-Mohammed HQ in Bahawalpur have surfaced.
Pakistan has rebuilt the terror infrastructure that India targeted during #OperationSindoor, the new footage shows complete view inside the reconstructed facility. pic.twitter.com/anvr69PBXu— Bhavya Trivedi (@BhavyaInsight) August 23, 2026
22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में, जिसमें 26 मासूमों की जान गई थी, भारत ने 7 मई, 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' अंजाम दिया था। भारतीय सेना ने सीमा पार किए बिना सटीक मिसाइल हमलों से PoK और पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था। बहावलपुर के इसी ठिकाने पर हुए हमले में जैश संस्थापक मसूद अज़हर की बहन, बहनोई, भतीजे समेत उसके परिवार के 10 सदस्य और 3 वरिष्ठ सहयोगी मारे गए थे।
18 एकड़ में फैला यह 'उस्मान-ओ-अली कैंपस' (मरकज़ सुभान अल्लाह) अंतर्राष्ट्रीय सीमा से महज 100 किमी दूर स्थित है। यह वही स्थान है जहाँ 2001 संसद हमला, 2016 पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 पुलवामा आत्मघाती हमले की साजिश रची गई थी। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आतंकी अड्डा पाकिस्तानी सेना की 31वीं कोर के मुख्यालय (बहावलपुर कैंट) के ठीक बगल में स्थित है। कागज़ों पर 2002 से प्रतिबंधित होने के बावजूद जैश-ए-मोहम्मद आज भी पाकिस्तानी सेना और सरकार के खुले संरक्षण में भारत के खिलाफ नई साजिशें रचने के लिए तैयार खड़ा है।
इस पुनर्निर्माण का संकेत अचानक नहीं मिला। अप्रैल 2026 में देखी गई सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर के भीतर भारी मशीनरी और निर्माण वाहन नजर आए थे। मई की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में क्षतिग्रस्त गुंबदों पर नए सीमेंट का काम और मलबा हटाने की गतिविधियां दिखाई दी थीं। अब सामने आई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि तब शुरू हुआ निर्माण काफी आगे बढ़ चुका है और परिसर का बड़ा हिस्सा दोबारा तैयार हो गया है।
Markaz Subhanallah Is Ready to Be Destroyed Again
Jaish-e-Mohammed, a UN-designated terrorist organisation, has rebuilt its Markaz Subhanallah headquarters in Bahawalpur, which was completely destroyed during India’s Operation Sindoor. pic.twitter.com/lO0Daju0qq— War & Gore (@Goreunit) August 23, 2026
मरकज़ सुभान अल्लाह करीब 18 एकड़ में फैला परिसर है, जिसे उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां मस्जिद के अलावा JeM के कैडरों की भर्ती, प्रशिक्षण और वैचारिक गतिविधियों से जुड़ी सुविधाएं रही हैं। यह परिसर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर और बहावलपुर में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों के नजदीक स्थित बताया जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी ठिकाने को तबाह किया था वो फिर से बनकर तैयार हो गया है..#BAHAWALPUR #Pakistan #Jaish pic.twitter.com/Tk0RaAGqaD
— Kishor Joshi (@KishorJoshi02) August 23, 2026
जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं। भारत के सुरक्षा आकलनों में बहावलपुर को JeM के महत्वपूर्ण केंद्रों में गिना जाता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस परिसर पर हुई कार्रवाई में JeM प्रमुख मसूद अजहर के रिश्तेदारों के मारे जाने का दावा भी सामने आया था। JeM ने उस समय 13 लोगों की मौत की बात कही थी।
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