
कानपुर शहर के लाखों लोगों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस मेट्रो विस्तार का इंतजार किया जा रहा था, वह अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से नौबस्ता तक मेट्रो सेवा शुरू करने की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब सिर्फ अंतिम सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है।
यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो जुलाई के पहले पखवाड़े में कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-1 पूरी तरह चालू हो सकता है। इससे शहर के दक्षिणी हिस्से के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
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यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक के सातों स्टेशनों पर परिचालन संबंधी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 36 टिकट वेंडिंग मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं और स्टेशन संचालन के लिए जरूरी मानव संसाधन भी तैनात कर दिया गया है।
स्टेशन अधीक्षक, ट्रेन ऑपरेटर, टिकटिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को तीन शिफ्टों में ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि सेवा शुरू होते ही संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।
मेट्रो सेवा शुरू होने से पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम द्वारा ट्रैक, स्टेशन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद यदि सभी मानकों को सही पाया जाता है तो "ओके टू रन" प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
यूपीएमआरसी के अधिकारियों को उम्मीद है कि सीएमआरएस टीम जल्द कानपुर पहुंचेगी और निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट भी एक सप्ताह के भीतर मिल सकती है।
मेट्रो प्रबंधन का अनुमान है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 10 से 15 जुलाई के बीच सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक यात्री सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।
इससे पहले यूपीएमआरसी के निदेशक (कार्य एवं अवसंरचना) सी.पी. सिंह भी पूरे सेक्शन का निरीक्षण करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपेंगे।
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच कुल सात नए स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें दो भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं।
इन स्टेशनों के शुरू होने के बाद कॉरिडोर-1 का पूरा नेटवर्क यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
फिलहाल कानपुर मेट्रो आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक 16 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर संचालित हो रही है। इस रूट पर प्रतिदिन 25 से 30 हजार यात्री सफर कर रहे हैं।
मेट्रो के कारण आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन तक की यात्रा सिर्फ 27 मिनट में पूरी हो रही है, जबकि सड़क मार्ग से यही दूरी तय करने में अक्सर 75 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है।
कानपुर मेट्रो परियोजना शहर के सबसे बड़े शहरी परिवहन प्रोजेक्ट्स में शामिल है। स्वीकृत डीपीआर के अनुसार इसकी कुल अनुमानित लागत 11,076.48 करोड़ रुपये है।
पूरी परियोजना में 32.50 किलोमीटर लंबाई के दो प्रमुख कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 29 स्टेशन होंगे। इनमें 19 एलिवेटेड और 10 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं।
दूसरा कॉरिडोर सीएसए से बर्रा-8 तक प्रस्तावित है, जिस पर निर्माण कार्य जारी है।
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