
लक्ष्मी कुमारी को अपने सपने पूरे करने से कोई नहीं रोक सकता। बिहार के कटिहार में रहने वाली 13 साल की यह लड़की अपने पैरों से लिखकर अपनी पढ़ाई जारी रखती है। उनकी माँ रेणु देवी उनके इस जज़्बे का साथ देती हैं, वहीं स्कूल में टीचर रिंकू कुमारी और इंचार्ज हेडमास्टर विनय कुमार उनका हौसला बढ़ाते हैं। उनकी कहानी एक ज़बरदस्त मिसाल है कि पक्के इरादे से मुश्किलों को भी मौकों में बदला जा सकता है।