Kerala Crime: मंदिर जा रहे नाबालिग को गोद में खींचा…घिनौनी हरकत पर बुज़ुर्ग की मिली सख्त सजा

Published : Mar 06, 2026, 02:27 PM IST

Breaking News: क्या मंदिर जा रहे मासूम को भरोसे का जाल बनाकर फंसाया गया? केरल में 65 साल के बुज़ुर्ग की हैरान कर देने वाली हरकत ने सबको झकझोर दिया। नाबालिग को गोद में खींचकर की शर्मनाक हरकत… अब कोर्ट ने सुनाई 7 साल जेल की सख्त सज़ा।

PREV
16

Kerala Shocking Crime: केरल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर जा रहे एक नाबालिग लड़के के साथ एक बुज़ुर्ग व्यक्ति ने बेहद शर्मनाक हरकत की। अब इस मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को सात साल की जेल की सज़ा दी है। यह घटना पिछले साल अप्रैल 2025 की बताई जा रही है, लेकिन अब मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

26

मंदिर जा रहे नाबालिग के साथ आखिर हुआ क्या?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 अप्रैल 2025 की शाम को एक नाबालिग लड़का मंदिर जा रहा था। उसी दौरान 65 साल के आरोपी ने उसे रास्ते में रोका। बताया गया कि आरोपी ने पहले लड़के को हाथ मिलाने के बहाने अपने पास बुलाया। जब लड़के ने हाथ बढ़ाया, तो आरोपी ने अचानक उसे अपनी गोद में खींच लिया। इसके बाद उसने लड़के के प्राइवेट पार्ट्स को पकड़ लिया और उससे अश्लील बातें करने लगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने बच्चे को पास की एक सुनसान गली में चलने के लिए भी कहा। इस घटना से लड़का बेहद डर गया और बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा।

36

जांच में सामने आईं चौंकाने वाली बातें

मामले की जांच के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कई अहम तथ्य रखे। बताया गया कि आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी को पहले भी एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में सात साल की सज़ा मिल चुकी है। यानी यह पहली बार नहीं था जब आरोपी ने ऐसा अपराध किया हो। इसी वजह से कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया।

46

कोर्ट ने सख्त फैसला क्यों सुनाया?

इस मामले की सुनवाई तिरुवनंतपुरम फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई। कोर्ट की जजअंजू मीरा बिड़ला ने फैसले में साफ कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती। जज ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए बेहद खतरनाक होते हैं, खासकर जब इसमें एक नाबालिग बच्चा शामिल हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी का पहले का आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्शाता है कि वह बार-बार ऐसे अपराध कर चुका है। इसलिए उसे कम सज़ा देना समाज के लिए गलत संदेश होगा।

56

कोर्ट ने क्या सज़ा सुनाई?

सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को सात साल की सख्त जेल की सज़ा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले की पैरवी कर रहे स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर R. S. विजय मोहन ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी के पुराने अपराधों को ध्यान में रखते हुए यह सख्त फैसला दिया।

66

समाज के लिए क्या संदेश?

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध बेहद गंभीर होते हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। न्यायालय का मानना है कि अगर ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी दिखाई गई तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह साफ संदेश देता है कि नाबालिगों के साथ किसी भी तरह का अपराध करने वालों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories