
देशभर में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बढ़ती गर्मी, ईंधन संकट और गैस सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता के बीच अब सिलेंडर डिलीवरी से जुड़ा एक ऐसा सवाल सामने आ रहा है, जिससे लगभग हर परिवार कभी न कभी परेशान हुआ है।
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि गैस सिलेंडर डिलीवरी करने वाला एजेंट घर की ऊपरी मंजिल तक सिलेंडर पहुंचाने के बदले अतिरिक्त पैसे मांगता है। कई बार बहस से बचने के लिए लोग 10, 20 या 50 रुपये तक दे देते हैं। लेकिन क्या वाकई डिलीवरी बॉय को अलग से पैसे देना जरूरी है? इस सवाल का जवाब गैस कंपनियों के नियमों में साफ लिखा हुआ है।
नियमों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए उपभोक्ता से अलग से पैसे मांगना गलत माना जाता है। गैस सिलेंडर की बुकिंग के समय जो बिल जारी किया जाता है, उसमें डिलीवरी चार्ज पहले से शामिल होता है। यानी डिलीवरी एजेंट की जिम्मेदारी होती है कि वह सिलेंडर को उपभोक्ता के घर और रसोई तक सुरक्षित पहुंचाए, चाहे घर किसी भी मंजिल पर क्यों न हो। हालांकि अगर ग्राहक अपनी खुशी से टिप देना चाहे तो यह अलग बात है, लेकिन जबरन पैसे मांगना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
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कई शहरों और कस्बों में लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि डिलीवरी एजेंट ऊपरी मंजिल तक सिलेंडर ले जाने के बदले पैसे मांगते हैं। पैसे न देने पर कई बार सिलेंडर नीचे छोड़कर चले जाने की घटनाएं भी सामने आती हैं। उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों के मुताबिक, जागरूकता की कमी के कारण लोग मजबूरी में अतिरिक्त रकम दे देते हैं। हालांकि गैस कंपनियों की नीति साफ तौर पर कहती है कि ग्राहक से बिल के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता।
अगर कोई डिलीवरी एजेंट अतिरिक्त पैसे मांगता है या दबाव बनाता है, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए:
उपभोक्ता मामलों के जानकारों का कहना है कि शिकायत सही पाए जाने पर गैस एजेंसी और संबंधित डिलीवरी स्टाफ पर कार्रवाई हो सकती है।
गैस सिलेंडर लेते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है:
ऑनलाइन भुगतान करने से अतिरिक्त पैसे मांगने की संभावना काफी कम हो जाती है।
अगर जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो ऑयल कंपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जुर्माना लगा सकती है। डिलीवरी एजेंट को चेतावनी दी जाती है और बार-बार शिकायत मिलने पर नौकरी भी जा सकती है। यदि गैस एजेंसी या कंपनी कार्रवाई नहीं करती, तो उपभोक्ता कंज्यूमर फोरम का भी सहारा ले सकते हैं।
उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। कई बार छोटी रकम समझकर लोग शिकायत नहीं करते, लेकिन यही गलत प्रथा आगे बढ़ती जाती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग नियमों को समझें और किसी भी तरह की जबरन वसूली के खिलाफ आवाज उठाएं।
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