Lucknow family Suicide: मां-बाप और भाई ने खाया ज़हर... जेब से मिला सुसाइड नोट, पढ़कर उड़ गए होश

Published : Mar 20, 2026, 12:10 PM IST
lucknow family poison case mother son death banthra suicide note

सार

Lucknow Family Suicide Case: लखनऊ के बंथरा क्षेत्र के नींवा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर है। बेटे की जेब से सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी और बैंक लोन की परेशानी सामने आ रही है।

Banthra Lucknow Suicide Case: राजधानी लखनऊ से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। इस घटना में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार आर्थिक तंगी और कर्ज की परेशानी से जूझ रहा था।

छोटे बेटे ने देखी घर की हालत, तुरंत पुलिस को दी सूचना

यह घटना बंथरा क्षेत्र के नींवा गांव में शुक्रवार को सामने आई। मृतकों की पहचान तारावती (52) और उनके बेटे संदीप (30) के रूप में हुई है। वहीं परिवार के मुखिया रूपनारायण (55) की हालत गंभीर है। परिवार के छोटे बेटे कुलदीप ने सबसे पहले घर की हालत देखी। उसने बताया कि उसके पिता रूपनारायण उल्टियां कर रहे थे। वहीं मां और बड़ा भाई संदीप बेसुध हालत में पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। यह देखकर कुलदीप घबरा गया और तुरंत UP Dial 112 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी।

यह भी पढ़ें: मार्च में तूफानी मौसम! लखनऊ में अचानक बारिश और तेज हवाएं, 24 घंटे का अलर्ट

अस्पताल में मां-बेटे को मृत घोषित किया गया

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद मां तारावती और बेटे संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता रूपनारायण की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

बेटे की जेब से मिला सुसाइड नोट

पुलिस जांच के दौरान एक अहम बात सामने आई। मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। उस पर लिखा था- “हम अपनी मौत के लिए खुद जिम्मेदार हैं।” पुलिस ने इस नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नोट की भी जांच कराई जाएगी।

चाय-समोसे का छोटा होटल चलाता था परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार रूपनारायण गांव के बाहर चाय और समोसे का छोटा होटल चलाते थे। इसी से परिवार का खर्च चलता था। बताया जा रहा है कि परिवार ने बैंक से लोन लिया हुआ था। कर्ज की रकम चुकाने में परेशानी होने के कारण रूपनारायण पिछले कई दिनों से काफी परेशान और गुमसुम रहते थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी आर्थिक दबाव के कारण परिवार ने यह कदम उठाया होगा।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल सुसाइड नोट मिलने के बाद मामला आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ: दवा के बहाने ले गया, सुबह गोमती में मिली लाश, मौसी बोली- मेरे पति ने ही...

Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

आतंक के मामले में Top पर पाकिस्तान, जानें GTI 2026 रिपोर्ट के हैरान करने वाले फैक्ट
18 वर्षीय छात्रा की मासूमियत पर मत जाना, पढ़ाई छोड़ बर्बाद करती थी कॉलेज छात्रों की जिंदगी