
महाराष्ट्र में एक 3 साल के बच्चे ने अनजाने में अपने बर्थडे केक में लगी दो कीलें निगल लीं। ये कीलें चॉकलेट की सजावट के अंदर छिपाई गई थीं। इस घटना ने एक परिवार के जश्न को खौफ में बदल दिया। ठाणे के हीरानंदानी एस्टेट में रहने वाली स्नेहा शेलार एक बायोलॉजी टीचर हैं। उनका बेटा अब ठीक है और बिना सर्जरी के ही रिकवर हो गया, लेकिन वो उस खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रही हैं। स्नेहा ने कहा, "मेरे बेटे का बर्थडे केक मेरी जिंदगी का सबसे डरावना सपना बन गया।"
परिवार 31 मई को रेयांश के जन्मदिन की शाम को स्पाइडर-मैन थीम वाली पार्टी के लिए इकट्ठा हुआ था। केक भी खास तौर पर बॉलिंग एली जैसा डिजाइन किया गया था। सब कुछ परफेक्ट लग रहा था। उन्होंने याद करते हुए कहा, "मैंने जैसा सपना देखा था, सब कुछ वैसा ही था - सजावट, केक और हमारा पूरा परिवार। मतलब वो सब कुछ जो उसे पसंद है।"
लेकिन अगले दिन, जो रेयांश का असली जन्मदिन था, परिवार केक काटने और यादें बनाने के बजाय अस्पताल की ओर भाग रहा था। स्नेहा के मुताबिक, ठाणे की एक बेकरी ने चॉकलेट बॉलिंग पिन्स को सपोर्ट देने के लिए अंदर धातु के तार डाले थे। लेकिन कथित तौर पर उन्होंने परिवार को इस बारे में नहीं बताया, जबकि उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि केक छोटे बच्चों और टॉडलर्स के लिए है।
इस खतरनाक बात का पता तब चला जब पार्टी में आए बड़े बच्चों ने सजावट के कुछ टुकड़ों में छिपे धातु के तार देखे और तुरंत अपने माता-पिता को बताया। अनहोनी की आशंका से, रेयांश का परिवार अगली सुबह उसे जांच के लिए अस्पताल ले गया। उनकी मां ने बताया, "स्कैन में पता चला कि दो धातु की कीलें उसकी छोटी आंत में फंसी हुई हैं।"
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On May 31st, parents ordered a beautiful, custom designed cake for their child. It looked perfect, but hidden inside the design were small pins and… pic.twitter.com/oEKD0HgRoX— Fight Intellect (@desikalesh1) June 8, 2026
जूपिटर अस्पताल के डॉक्टरों ने स्थिति का जायजा लिया और सर्जरी न करने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि धातु के टुकड़े पहले ही आंत में जा चुके हैं। इसके बजाय, उन्होंने सावधानीपूर्वक निगरानी रखने और कीलों के स्वाभाविक रूप से बाहर निकलने का इंतजार करने की सलाह दी। स्नेहा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "रेयांश अब सुरक्षित है। दोनों तार 48 घंटों के बाद स्वाभाविक रूप से निकल गए। लेकिन वो 48 घंटे मेरी जिंदगी के सबसे भयानक थे।"
उन्होंने दूसरे माता-पिता से भी सावधानी बरतने और केक में छिपे सपोर्ट के बारे में बेकर्स से सवाल करने की अपील की कि क्या सजावट का सामान पूरी तरह से खाने लायक है। जवाबदेही तय करने के लिए परिवार ने कासरवडवली पुलिस से संपर्क किया। लेकिन उन्हें बताया गया कि यह मामला खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है। वहीं, FDA अधिकारियों ने कहा कि केक या घटना में शामिल चॉकलेट बॉलिंग पिन के सैंपल के बिना जांच आगे नहीं बढ़ सकती।
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए, महाराष्ट्र ग्राहक परिषद के शिरीष देशपांडे ने उपभोक्ता संरक्षण कानूनों की ओर इशारा किया जो प्रभावित परिवारों को राहत दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, "इस कानून में सिर्फ शारीरिक नुकसान ही नहीं, बल्कि मानसिक पीड़ा भी शामिल है।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवार उपभोक्ता अदालतों में मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
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